- राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर आनन-फानन में आधुनिक पावर को दिये गये 25 करोड़
- प्राप्ति पोर्टल के डिफॉल्टर लिस्ट से हटा जेबीवीएनएल
- रात आठ बजे से शुरू हो गया बिजली मिलना
- रात आठ बजे तक बिजली की कमी के कारण हुई लोड शेडिंग
- रात आठ बजे से बिजली मिलनी शुरू, राहत
Ranchi : 500
करोड़ और 1000
करोड़ राजस्व उगाही का दावा एवं दंभ भरने वाले
जेबीवीएनएल को क्या वाकई में पैसे की कमी हो गयी है या फिर यह लापरवाही
है. यह सवाल अब उठने लगा
है. राज्य में गर्मी चरम पर
है. ऊपर से राष्ट्रपति का दौरा भी 24 मई से शुरू हो रहा
है. इसको देखते हुए बिजली अफसरों के हाथ-पांव फूलने
लगे. आनन-फानन में आधुनिक पावर को मंगलवार को शेष बचे 25
करोड़ रुपये जमा कराया गया, ताकि गर्मी के कारण बढ़ी बिजली की मांग को पूरी की जा
सके. पैसा जमा कराने के बाद सेंट्रल पावर एक्सचेंज के प्राप्ति पोर्टल से डिफॉल्टर के रूप में
जेबीवीएनएल का नाम हट गया और रात 8 बजे से सेंट्रल सेक्टर से बिजली मिलनी शुरू हो
गयी. इससे
जेबीवीएनएल ने राहत की सांस ली
है. मंगलवार को राहत की बात यह रही कि संथाल परगना में अच्छी बारिश हुई, जिसके कारण बिजली डिमांड में कमी
आयी. अब बिजली की कमी 500 से घटकर 250-300 मेगावाट की बीच आ
गयी. रांची में भी रात आठ बजे के बाद लोड शेडिंग में कमी
आयी. इस कारण उत्पन्न हुआ था संकट
बीते देर शाम को राज्य में पावर की मांग बढ़कर 2700
मेगावट तक पहुंच गयी
थी. जेबीवीएनएल चाहकर भी अतिरिक्त बिजली नहीं ले
पाया. इसका कारण सेंट्रल सेक्टर की कंपनी आधुनिक पावर को 45
करोड़ की देनदारी
था. सोमवार को केवल 20
करोड़ रुपये ही भुगतान किया जा
सका. सेंट्रल पावर एक्सचेंज के प्राप्ति पोर्टल में बकाया हो
गया. इस वजह से
जेबीवीएनएल को अतिरिक्त बिजली नहीं मिल
पायी. केंद्र सरकार द्वारा बिजली खरीद-बिक्री के लिए बनाए गए नए प्राप्ति पोर्टल में एक रुपये भी बकाया हो तो कोई भी बिजली वितरण कंपनी अतिरिक्त बिजली की खरीदारी नहीं कर सकती
है. इस कारण बीते दिवस
जेबीवीएनएल को अतिरिक्त बिजली नहीं मिल
पायी. जिससे पूरे राज्य में बिजली संकट छा
गया. मंगलवार को पावर पोजिशन
पीक ऑवर (सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक) बिजली की मांग : 2500 से 2600
मेगवाट उपलब्ध : करीब 2200 से 2300 मेगावाट
कमी : कमी करीब 300 से 400 मेगावाट
नोट : शाम में संथाल परगना में हुई बारिश के बाद डिमांड में कमी
आयी. अब यह बिजली की कमी घट कर 250 से 300 के बीच रह
गयी. बिजली कटौती की स्थिति
- पीक ऑवर में रांची सहित पूरे राज्य में : 7 से 8 घंटे औसतन
- नॉन पीक ऑवर में 3 से 5 घंटे
रांची में रही 200 मेगावाट तक की कमी, रात आठ बजे
हटिया ग्रिड फुल लोड : 260-265 मेगावाट, उपलब्ध : 136 मेगावाट
नामकुम ग्रिड फुल लोड : 110-120 मेगावाट, उपलब्ध : 96 मेगावाट
कांके ग्रिड फुल लोड : 60-80 मेगावाट, उपलब्ध : 26 मेगावाट
बुढ़मू ग्रिड फुल लोड : 28-30 मेगावाट, उपलब्ध : 28 मेगावाट
नोट : यह स्थिति रात आठ बजे तक की
रही. रात आठ बजे से रांची को फूल लोड बिजली मिलने
लगी. अब रांची में जो भी पावर कट है, वह लोकल फॉल्ट के
कारण. अतिरिक्त बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी
इस महीने का राजस्व वसूली जारी
है. इसलिए पैसे की दिक्कत हो गयी
थी. मगर आज आधुनिक पावर को शेष बकाया राशि जमा कर दिया गया
है. अब मांग के अनुरूप अतिरिक्त बिजली मिलनी शुरू हो
जाएगी. मगर समस्या केवल झारखंड की नहीं
है. मांग के अनुरूप पूरे देश में बिजली की मांग बढ़ जाने के कारण अन्य राज्यों को भी बिजली नहीं मिल पा रही
है. इस कारण भी संकट बढ़ा
है. - मनीष कुमार, एमडी जेबीवीएनएल
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