- झारखंड विद्युत नियामक आयोग सलाहकार समिति की हुई 16वीं बैठक
गांव में दो दिन बितायें अधिकारी, पता चल जायेगा कि कितनी बिजली मिलती है
समिति की एक सदस्य सिलागांई की हेमलता उरांव ने बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को गांव में दो दिन बिताने की चुनौती दी. उनकी शिकायत थी कि गांव में छह घंटे से ज्यादा बिजली नहीं रहती. इस पर जेबीवीएनएल के अधिकारियों ने एतराज जताया. तब उन्होंने कहा कि गांव में दो दिन बितायें तब पता चल जायेगा कि कितनी बिजली रहती है. उन्होंने कहा कि एक बार ट्रांसफार्मर खराब हो जाये तो तीन से चार दिन तक बिजली कटी रह जाती है. इस पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि यदि ऐसी बात है, तो वे मुआवजा के लिए रिड्रेसल फोरम में अपील करें. उपभोक्ता इसके लिए मुआवजा के हकदार हैं.बिजली के चलते बंद हो रहे हैं उद्योग
झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव अंजय पचेरीवाल ने कहा कि बिजली की स्थित यह है कि औद्योगिक क्षेत्रों में एक महीने में 150 घंटे तक बिजली नहीं रहती है. ऐसे में उद्योग बंद हो रहे हैं. खूंटी में एक लाह उद्योग कंपनी निर्यात का काम करती है, पर वहां बिजली नहीं रहने से जेनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ता है. ऐसे में उद्योग बंद करने की सोच रहे हैं. इस पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि यह गंभीर बात है. इससे राज्य को नुकसान होगा. हालांकि जेबीवीएनएल ने इस पर एतराज जताया. कहा कि आरडीएसएस स्कीम से औद्योगिक व कृषि फीडर अलग किये जा रहे हैं. तब उद्योगों को निर्बाध बिजली मिलेगी. इसे भी पढ़ें – होल्डिंग">https://lagatar.in/changes-in-holding-tax-rules-pension-to-aged-artists-relief-to-electricity-consumers-know-other-decisions-of-hemant-cabinet/">होल्डिंगटैक्स नियमों में बदलाव, वृद्ध कलाकारों का बढ़ा पेंशन, बिजली उपभोक्ताओं को राहत, जानें हेमंत कैबिनेट के अन्य फैसले [wpse_comments_template]

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