Lagatar Desk
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है. इस बीच मंगलवार को मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार को न कोई बीमारी है और न ही बुखार. यह सब बस नाटक और खेल है.
मीडिया से अनंत सिंह ने कहा, “कुछ लोग बता रहे हैं कि नीतीश कुमार उनसे मिलने अस्पताल गए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार सभी के गुरु और उस्ताद हैं. और इस एमएलसी चुनाव से उनका कोई मतलब नहीं है. इस चुनाव को लेकर नीतीश कुमार न को नीरज कुमार की ओर हैं और न ही मेरी ओर.” नीरज कुमार के बीमार होने पर अनंत सिंह ने अपने अंदाज में कहा, “ये पुरानी आदत है.बूथ पर पैसा भेजना होगा तो वो बीमार हो जाएंगे. अस्पताल में भर्ती हो जाएंगे फिर दो घंटा बाद ठीक होकर आ जाएंगे.”
#WATCH | पटना, बिहार | JDU विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से NDA समर्थित जद(यू) प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने पर कहा, "कुछ लोग बता रहे हैं कि नीतीश कुमार (नीरज कुमार से मिलने अस्पताल)गए थे लेकिन कोई नहीं गया है। यह सब उनका खेल है... न वे(नीरज कुमार) बीमार हैं, न उन्हें बुखार है। कुछ नहीं हुआ है। ये केवल नाटक है...नीतीश कुमार सभी के गुरु हैं। उन्हें इस(बिहार MLC)चुनाव से कोई मतलब नहीं है... जनता मालिक है। जिसे वोट दिया जाएगा, वही जीतेगा। नीतीश कुमार न उनकी(नीरज कुमार) ओर हैं और न मेरी ओर हैं..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 20, 2026
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को बिहार में एसएलसी के चुनाव हैं. सोमवार की रात नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने से उनके समर्थक चिंतित हैं. उधरअनंत कुमार ने नीरज कुमार के खिलाफ इस चुनाव में अलग ही मोर्चा खोल रखा है.अनंत कुमार जनसुराज के उम्मीदवार डॉ अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं. वे उनका नामांकन दाखिल कराने भी पहुंचे थे.
बाद में पार्टी उम्मीदवार की मुश्किलों को देखते हुए अनंत सिंह को समझाने- मनाने का प्रयास भी किया. विवाद को खत्म कराने के लिए केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने भी हस्तक्षेप किया था, लेकिन अनंत सिंह ने नीरज कुमार के समर्थन में आने के बजाय अनुज सिंह का साथ देने का फैसला किया लेकिन अब भी उनके तेवर बरकरार हैं. अनंत सिंह का कहना है, “पार्टी से उनकी कोई शिकायत नहीं है. नीरज कुमार को हराना ही एक मात्र मकसद है. वह इसलिए कि मेरे चुनाव में नीरज सिंह ने कई मौके पर साजिशें की हैं.”