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धनबाद-चंद्रपुरा के बीच तीन स्टेशनों के पास पहुंची झरिया की आग

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  •  धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन से गुजरती ट्रेन की फाइल फोटो
  • डीजीएमएस की जांच रिपोर्ट के बाद रेल अधिकारियों में हड़कंप
  • टीम कर रही मॉनिटरिंग, तीन शिफ्ट में 24 घंटे हो रही पेट्रोलिंग
Dhanbad: झरिया की आग धनबाद-चंद्रपुरा रेलमार्ग के तीन स्टेशनों तक पहुंच गई है. डीजीएमएस की एक्सपर्ट टीम ने इसकी रिपोर्ट रेलवे को सौंप दी है. इससे रेल अधिकारियों में हड़कंप है. जिन तीन रेलवे स्टेशनों तक आग की लपट पहुंची है, उसमें बांसजोड़ा, सोनारडीह व अंगारपथरा है. डीजीएमएस सूत्रों के अनुसार धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों की ओर से इसकी जानकारी हाजीपुर जोनल मुख्यालय को दे दी गई है. जहां से रेलवे बोर्ड के चैयरमैन को अवगत करा दिया गया है. अधिकारियों की टीम धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन की मॉनिटरिंग कर रही है. तीन शिफ्ट में परिचालन विभाग के कर्मचारी पेट्रोलिंग भी कर रहे हैं. तीन स्टेशनों के करीब रेलवे लाइन से कुछ दूरी पर आग और धुआं देखने को मिल रहा है.

रेल पटरी से काफी दूरी पर है आग

धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीईएन (समन्वय) अमित कुमार का कहना है कि झरिया की आग भले ही भीतर ही भीतर जमीन के नीचे डीसी लाइन तक पहुंच गई है, लेकिन आग अभी रेल पटरी से काफी दूर है. जमीन के काफी नीचे भी है. रेलवे लाइन को अभी अधिक खतरा नहीं है. ट्रेनों के चलने से न तो पटरी कहीं धंसी है और न ही कहीं जमीन में दरार ही दिखी है. जहां आग लगी है, उसपर काबू पाने का प्रयास हो रहा है. आग लगने वाले स्थान के आसपास आबादी होने से बुझाने में दिक्कत हो रही है. जिला या रेलवे प्रशासन की ओर से उन्हें हटाया जाता है, तो लोग फिर वहीं बस जाते हैं.

आबादी वाले क्षेत्रों में भू-धंसान की हो चुकी है कई घटनाएं

सूत्रों के अनुसार धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन के किनारे कुसुंडा, बांसजोड़ा, बसेरिया, सिजुआ, अंगारपथरा हाल्ट, कतरासगढ़, तेतुलिया हाल्ट, सोनारडीह हाल्ट, टुंडू हाल्ट, बुदौरा हाल्ट, फुलवारटांड़, जमुनी हाल्ट, जमुनियाटांड़, दुगदा स्टेशन के आसपास के बस्ती में भू-धंसान की कई घटनाएं हो चुकी है. रेलवे के अनुसार वर्तमान समय में धनबाद-चंद्रपुरा रेललाइन के बीच दो दर्जन से अधिक ट्रेनें और कई मालगाड़ियां चल रही हैं. भूं-धंसान और आग से खतरे को देखते हुए 19 मई 2017 को 20 माह के लिए ट्रेनों के परिचालन को बंद कर दिया गया था. डीसी लाइन का विकल्प तैयार करने के लिए मतारी से तेलो-दुगदा के बीच नई लाइन बिछाने की रणनीति बनी है. राइट्स की डीपीआर रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई रेलवे बोर्ड के निर्देश पर होगी. [wpse_comments_template]  

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