Lagatar Desk
आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के तेजी से बढ़ने के साथ ही ओडिशा के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. इधर अर्नब का असर झारखंड के कुछ हिस्सों में मंगलवार दोपहर बाद से दिख सकता है. साथ ही 28-29 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है. तेज हवाएं भी चलेंगी. अधिकारियों ने बताया कि इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है.
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया है कि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का 28 अक्टूबर को ओडिशा और आंध्र प्रदेश तट पर तेज रफ्तार से टकराने की उम्मीद है. झारखंड में मंगलवार को दोपहर बाद से आसमान में बादल छाने के साथ 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. बुधवार को पूरे राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होगी. कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का भी अनुमान है. लिहाजा ओडिशा की सीमा से सटे सिंहभूम के कई इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. इसलिए कि ओडिशा के कई जिलों में मंगलवार से ही बारिश जोर पकड़ने लगी है. तूफान और बारिश से झारखंड में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है.
हालांकि मौसम वैज्ञानिक का यह भी बताया कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'अर्नब' पहले आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए झारखंड में इसका ज्यादा असर 28 अक्टूबर से देखा जा सकता है.
बुधवार से झारखंड में असर दिखायेगा
उन्होंने बताया कि बुधवार से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है. वज्रपात की संभावनाएं हैं. इसे लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 28 अक्तूबर को सुबह साढ़े आठ बजे से अगले 24 घंटों के लिए रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकी है.
गुरुवार को भी असरदार
इसके अलावे 30 अक्टूबर को राज्य के उत्तर पूर्वी एवं निकटवर्त मध्य भागों में- जैसे देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ एवं साहिबगंज (संथालपरगना) में गर्जन, वज्रपात होने तथा 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना हैं. जबकि मध्य एवं निकटवर्ती उत्तर-पश्चिम (चतरा) भागों में भारी बारिश की संभावना है. 30 अक्टूबर से चक्रवाती तूफान के धीरे-धीरे कमजोर होने व इसके बिहार, उत्तरप्रदेश व नेपाल की तरफ बढ़ने की संभावना है.
गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी मंगलवार तड़के तीन बजे चक्रवात अर्नब की स्थिति को लेकर बुलेटिन जारी किया. विभाग ने कहा कि तूफान बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है. तट से टकराते समय इसकी रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और ओडिशा के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है.
झारखंड में निपटने के लिए क्या हैं तैयारियां
इधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान और चेतावनी को देखते हुए झारखंड सरकार ने संबंधित विभागों को स्थित पर नजर बनाये रखने के साथ हालात से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. एनएचएआइ ने हाइवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिये हैं. इधर रांची में नगर निगम ने अपनी सभी क्यूआरटी को अलर्ट किया है. रांची के निचले इलाकों में जलजमाव की आशंका है. बिजली विभाग के कंट्रोल रूम को मंगलवार, 27 अक्टूबर से ही अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है.
रांची के उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को 28 से 30 अक्टूबर तक लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिये हैं. निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों, नदियों और बड़े नालों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.