Ranchi : कोयलांचल में दो-तीन आपराधिक गिरोहों का संगठन शांति सेना अब कोयला कारोबारियों के लिए आफत बनता जा रहा है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के संरक्षण में बना यह संगठन लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा व बोकारो में सक्रिय है.
देखा जाये तो अपराधी की मदद से कोयला कारोबार पर कब्जे की नीति शुरु में तो प्रतिद्वंदी कारोबारियों के लिए आफत बनता है, लेकिन बाद में वही अपराधिक गिरोह सबके लिए मुसीबत बन जाता है.
चतरा-हजारीबाग में काम करने वाली कोयला कंपनी से अब गैंगस्टर प्रिंस खान ने रंगदारी की मांग की है. उसने यह भी कहा है कि वह और कुबेर शांति सेना चलाता है. काम करना है तो शांति सेना से मिल कर रहना होगा. इस घटना के बाद कारोबारियों के बीच दहशत है.
याद करिये, एक वक्त था जब लातेहार, चतरा व हजारीबाग में काम करने वाले कोयला कारोबारियों ने उग्रवादी संगठन से मदद ली. बाद में वही टीपीसी कारोबारियों के लिए आफत बन गया. कई कारोबारी जेल गए.
यही सब अब रामगढ़ के सयाल व न्यू बिरसा कोलियरी में हो रहा है. अपराधिक गिरोह की मदद से दूसरे कारोबारियों को बीडिंग से दूर किया गया, फिर कम रेट पर बीडिंग करके भारी मुनाफा कमाया जा रहा है. हिस्सा बंट रहा है अपराधियों, अधिकारियों व कारोबारियों के बीच.
आपराधिक गिरोहों के इस्तेमाल की वजह से इलाके में अलग-अलग गैंग अपना दबदबा बनाने की कोशिश करते हैं. और सबके निशाने पर होते हैं कारोबारी. क्योंकि सबसे अधिक कमाई उसी की होती है. सबको पैसा चाहिए. वह भी किसी से कम नहीं. अधिकारियों का भी यही हाल है. सबको बहुत पैसा चाहिए.

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