गजट प्रकाशन के बिना नहीं मिल सकती अनुसंधान की जिम्मेवारी
जानकारी के मुताबिक, एसटी-एससी मामले का अनुसंधान करने के लिए राज्य सरकार के स्तर से जब तक गजट का प्रकाशन नहीं होगा, तब तक राज्य में सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर को एसटी- एससी मामलों के अनुसंधान की जिम्मेदारी नहीं मिल सकती है. झारखंड में वर्तमान में डीएसपी रैंक और इससे ऊपर के ही अधिकारियों को एससी-एसटी एक्ट में अनुसंधान की जिम्मेदारी है. इसे भी पढ़ें – UPA">https://lagatar.in/solidarity-of-upa-cm-seeks-votes-from-the-people-of-mandar-in-favor-of-shilpi-neha-tirkey/">UPAकी एकजुटताः शिल्पी नेहा तिर्की के पक्ष में सीएम ने मांडर की जनता से मांगा वोट [wpse_comments_template]

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