- नगरीय प्रशासन निदेशालय ने अनुमोदन के लिए फाइल मुख्यमंत्री को भेजी
- फंड रिलीज होने के बाद लाभुकों को आवंटित की जाएगी राशि
- झारखंड को 6 महीने से केंद्र से नहीं मिली थी PMAY (U) की राशि
- पैसे की कमी से 90000 आवास निर्माण के विभिन्न स्टेज में रुक गये थे
नवंबर में झारखंड ने केंद्र से मांगा था 508 करोड़ रुपए
पिछले 6 महीने से झारखंड को केंद्र से प्रधानमंत्री आवास की राशि नहीं मिली है. नवंबर में पैसा खत्म होने के बाद नगरीय प्रशासन निदेशालय ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर 508 करोड़ रुपये की मांग की थी. करीब 3 महीने बाद केंद्र सरकार ने राज्य की डिमांड से आधी राशि देने की स्वीकृति दी है. केंद्र सरकार यह राशि बीएलसी कंपोनेंट के मद में दे रही है. झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल 215242 आवास सेंक्शन किये गये थे. इनमें बीएलसी कंपोनेंट के तहत 182541 आवास स्वीकृत किये गये थे. इनमें से 92956 आवास कंप्लीट हो चुके हैं, जबकि 89585 आवास निर्माण के विभिन्न स्टेज में हैं.फंड के लिए पार्षद और नगर निगम के चक्कर लगा रहे थे लाभुक
पिछले तीन महीने से झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभुक मकान बनाने के लिए सरकार की ओर से पैसे नहीं मिलने से परेशान हैं. लाभुक वार्ड पार्षद और नगर निगम दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन दोनों जगह उन्हें यही जवाब मिल रहा है कि फंड नहीं है. जब आयेगा तब उन्हें दिया जाएगा. कई लाभुक अपने पैसे से मकान बना रहे हैं, जबकि कई लोगों ने अपने पैसे लगाकर मकान कंप्लीट भी कर लिया है. फंड रिलीज होने के बाद ऐसे लाभुकों को भी उनका बकाया किस्त दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें – लातेहार">https://lagatar.in/latehar-wild-elephants-destroyed-4-houses-people-in-panic/">लातेहार: जंगली हाथियों ने 4 घरों को किया ध्वस्त, दहशत में लोग [wpse_comments_template]

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