-अगली बार सत्ता में आने पर हर परिवार को देंगे सालाना एक-एक लाख, शहीद अग्निवीरों को अनुग्रह राशि और उनके आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी
- सीएम के बात रखने की तीन दिनों से मांग को लेकर आंदोलन करने वाले भाजपा विधायक उनके भाषण के दौरान वेल में आकर लगातार नारेबाजी करते रहे
- सीएम के संबोधन के साथ ही स्पीकर ने विधानसभा के मॉनसून सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित
इससे पहले शुक्रवार की शाम को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन में अपनी बातें रखीं. उन्होंने असम के सीएम हिमंता विस्व सरमा का नाम लिए बगैर विपक्ष को ललकारते हुए कहा कि लोग दूसरे प्रदेश से आकर यहां पर नफरत फैलाते हैं. हिंदू-मुस्लिम कर रहे हैं. अपने राज्य में बाढ़ से लाेग तबाह हो रहे हैं. वहां की चिंता नहीं है. यहां आकर ये लोग ऊल-जुलूल बातें कर रहे हैं. झारखंड क्या हम, असम से भी उन्हें खदेड़ने का काम करेंगे. देश क्या कहीं से भी नेता बुला लें. हम मुंहतोड़ जवाब देंगे. सोरेन पूरे तैश में थे. उन्होंने एक-एक करके भाजपा, केंद्र सरकार की बखिया उधेड़ी. उन्होंने कहा कि हमारे काम तो जनता के सामने है. हमें आपके प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है. आप लाेग कर्मचारी संघ के लोगों को बुला कर पूछते हैं कि आप बताइए कि आपकी मांग पूरी हुई या नहीं.
वे लोग कहते हैं कि हां 50 प्रतिशत पूरा हो गई. तब आपलोग उन्हें भड़काते हैं और कहते हैं कि पूरा तो नहीं हुआ ना. मगर आपके भड़काने से वे लोग भी नहीं भड़कते हैं, कहते हैं कि हेमंत सोरेन ही हमारी समस्या का समाधान कर सकते हैं. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सदन में दो बड़ी घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि यह सत्र अंतिम नहीं है. अगली बार भी हम ही आएंगे. अगली सरकार आने पर हर गरीब परिवार को एक-एक लाख रुपए सालाना देगे. इसके साथ ही अग्निवीर जवानों की शहादत होने पर उनके परिवार को अनुग्रह राशि और आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी देंगे. सीएम के भाषण और स्पीकर के संबाेधन के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई. जो विपक्षी विधायक तीन दिन से मुख्यमंत्री को सदन में जवाब देने के लिए आंदोलन कर रहे थे, शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री अपनी बात सदन में रख रहे थे, तो वो वेल में आकर लगातार नारेबाजी कर रहे थे.
रांची, जमशेदपुर, बोकारो, जमशेदपुर और धनबाद में आदिवासी क्यों घटे बताएं
मुख्यमंत्री भाजपा विधायकों की नारेबाजी के बीच अपनी बात प्रमुखता से रखी. बीच-बीच में विपक्ष को चुनौती देने और ललकारने का भी काम करते रहे. उन्होंने कहा, आपलोग डेमोग्राफी चेंज की बात करते हैं. आप पहले यह बताइए कि रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद में आदिवासियों की संख्य क्यों घटी? इसका जवाब हमें आप लोग दीजिए. आपलोग डेमोग्राफी के नाम पर आदिवासी-मूलवासियों को बांटने का काम कर रहे हैं. मगर यह होने वाला नहीं है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यहीं रुके. कहा कि आपलोग हिंदू-मुस्लिम करके चुनाव लड़ते आए हैं. इस बार भी लोकसभा चुनाव आप भगवान राम के नाम पर लड़े, मगर अयोध्या ही हार गए. उपचुनाव में भी मुंह के खाए. मगर अब भी आपलोग हिंदू-मुस्लिम, आदिवासी, गैर आदिवासी करना बंद नही किए हैं. आपलोग कुछ भी कर लें, लोकसभा चुनाव में हमने आपको आधा आईना दिखाया था. विधानसभा चुनाव में पूरा आईना दिखा देंगे.
आपका काला चिठ्ठा मेरे पास है, चिंता न करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपलोग हमारे काम हिसाब मांगते हैं. आपके शासनकाल का काला चिठ्ठा मेरे पास है. आपने तो आदिवासी-मूलवासियों की जमीनें लूट लीं. आपलोग लुटेरे हैं. आदिवासी जमीनों पर बड़े भवन बना दिए. ये भवन बनाने का पैसा आपलोगों के पास कहां से, कैसे आया. जमीन के लुटेरे मुझे झूठे जमीन के केस में जेल में डाल दिया. हर चीज का जवाब हमारे पास है. आप चिंता ना करें. मुख्यमंत्री ने लगे हाथ केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि आप व्यापारी लोग हैं. पूरे देश को बेचने का काम किया. पूर्वजों की सारी संपत्ति बेचने का काम कर रहे. हर चीज बेच रहे हैं. महंगाई की बात करें, तो पूरा देश इससे कराह रहा है. अगर महंगाई का यही हाल रहा, तो एक दिन यह देश पाकिस्तान बन जाएगा. पहले कहते थे- मोदी की सरकार, भाजपा की सरकार. अब क्या कहेंगे बैशाखी की सरकार. हेमंत ने कहा कि ये वो लोग हैं, जो बड़े कारोबारियों का करोड़ों का कर्ज माफ कर देते हैं, लेकिन इनसे किसानों का कर्ज माफ नहीं किया जाता. लेकिन हमारी सरकार ने किसानों के 50000 हजार के कर्ज माफी का फैसला किया. इसके साथ किसानों के लिए अनेक योजनाओं को धऱातल पर उतारा है. हमारी सरकार इस बात पर मंथन कर रही है कि किसानों को और किस तरह से राहत पहुंचाई जा सकती है. कर्ज माफी का दायरा और बढाने की कोशिश करेंगे.
नौकरी देना शुरू किया, तो मुझे ही जेल में डाल दिया
हेमंत ने कहा कि ये लोग कहते हैं कि झारखंड के बेरोजगार युवकों को नौकरी नहीं मिल रही है. इनको पता नहीं हैं. ये लोग गांव और प्रखंडों में जाकर देख लें कि बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है या नहीं. नौकरियां देने के मुद्दे पर कहा कि हमने सरकारी और गैरसरकारी मिलाकर लगभग डेढ लाख नौकरियां दी हैं. इस काम को औऱ आगे बढाया जा रहा था, तो मुझे जेल में डाल दिया गया. अगर मैं पांच महीने जेल में नहीं रहता, तो दावे के साथ कह सकता हूं कि पांच लाख नौकरियां युवकों को दे चुका होता.
इनकी सरकार ने सहायक पुलिस कर्मियों की अनुचित बहाली की, हम एक्सटेंशन दे रहे
हेमंत ने दावा किया कि मेरी सरकार पर खुद भाजपा संगठन के लोग भरोसा करते हैं. उन्होंने बिना किसी का नाम लिये कहा, लेकिन भाजपा के विधायक अपने स्वार्थ के लिए सदन को चलने नहीं देना चाहते. सहायक पुलिसकर्मियों के मुद्दे पर कहा कि बीजेपी की पूर्व सरकार ने इनकी बहाली अनुचित तरीके से की. लेकिन इनको सबसे अधिक एक्सटेंशन देने का काम हमारी सरकार ने किया. आने वाले समय में सहायक पुलिस कर्मियों को विभिन्न पदों पर समायोजित करने पर हम विचार कर रहे हैं. जो वर्दी हमने इनको हड़ताल तोड़वाने के लिए पहनाई थी, उसी वर्दी का इस्तेमाल भाजपा के विधायक हड़ताल करवाने के लिए कर रहे हैं. हेमंत ने विपक्ष पर ताबड़तोड़ हमला करते हुए कहा कि हमसे हिसाब मांगने से पहले यह बताएं कि स्थनीय नीति को कोर्ट में कौन लेकर गए. ओबीसी आरक्षण किसने कम किया. हमने जो बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा, उस पर आप लोगों ने पिछले दरवाजे से क्या किया. आप पीठ में छूरा घोंपने वाले लोग हैं. हमने पारा शिक्षकों का 50%, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का 50%, प्रखंड सहकारिता कर्मी का 25%, रसाईया का 100%, रोजगार सेवकों का 50%, अनुबंध कर्मियों के वेतन में और मानदेय में वृद्धि किया. इनलोगों का बस एक ही सिद्धात है, ये लोग खुद तो खाएंगे, मगर दूसरों की खाने की थाली छीन लेंगे.
इसे भी पढ़ें - Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-robber-gangs-also-started-committing-cyber-crimes-made-upi-a-new-way-robbery/">Kiriburu
: लुटेरा गिरोह भी करने लगे साइबर अपराध, यूपीआई को बनाया लूट का नया तरीका [wpse_comments_template]
: लुटेरा गिरोह भी करने लगे साइबर अपराध, यूपीआई को बनाया लूट का नया तरीका [wpse_comments_template]
Leave a Comment