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झारखंड विस बजट सत्र : प्रवासी मजदूर 15 लाख, निबंधन सिर्फ 2.29 लाख? मौत पर मुआवजा बढ़ाने का आश्वासन

झारखंड विधानसभा बजट सत्र के तीसरा दिन डुमरी विधायक जयराम महतो ने प्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रवासी मजदूरों की संख्या 15 लाख है, लेकिन मजदूरों का निबंधन सिर्फ 2.29 लाख क्यों ?
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Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के तीसरा दिन डुमरी विधायक जयराम महतो ने प्रवासी मजदूरों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रवासी मजदूरों की संख्या 15 लाख है, लेकिन मजदूरों का निबंधन सिर्फ 2.29 लाख क्यों ?

 

इस पर मंत्री संजय यादव ने जवाब दिया कि मजदूरों के निबंधन का काम किया जा रहा है. इस पर जयराम महतो ने कहा कि राज्य के 80-85 प्रतिशत मजदूरों का निबंधन ही नहीं, तो सरकारी सहायता कैसे देंगे. क्या तैयारी है.

 

इस पर मंत्री संजय यादव ने कहा कि सरकार गंभीर है. मजदूरों के परिवार के साथ है. कहीं भी, विदेशों में भी अगर राज्य के मजदूरों के साथ कोई घटना हुई है, तो राज्य सरकार उन्हें मदद की है.

 

जयराम महतो ने पूरक सवाल यह भी किया कि क्या झारखंड में प्रवासी मजदूरों के नियंत्रण को लेकर कोई काम हो रहा है? इस पर संजय यादव ने कहा कि नियंत्रण कक्ष काम कर रहा है.

पांच लाख मुआवजा की मांग

प्रवासी मजदूरों के निधन होने पर उसके परिवार को पांच लाख रुपये तक का भुगतान करने की मांग पर मंत्री संजय यादव ने कहा कि बाहर में कोई घटना होती है, तो उनके परिवार को बड़ी दिक्कत होती है. इसलिए सरकार इस पर विचार करेगी. 

 

विधायक अरुप चटर्जी ने सरकार से मांग किया कि मजदूरों के लिए सिर्फ डाइरेक्टोरेट करने से काम नहीं चलेगा, इसलिए अलग से अधिकारी नियुक्त किया जाये.

 

5 राज्यों में पदाधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव

इस पर मंत्री संजय यादव ने कहा कि मामला गंभीर है. सरकार के संज्ञान में हैं. पांच राज्यों में पदाधिकारी की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया है. मजदूरों की मौत, खासकर आत्महत्या के मामलों में मुआवजा नहीं मिलता है. हम लोग इस पर मुख्यमंत्री जी से विचार कर मजदूरों के हित में फैसला लेंगे.

 

 

 

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