Ranchi : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में नदियों के प्रदूषण और कथित अतिक्रमण का मामला गूंजा. विधायक सरयू राय द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है. जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. विभाग को प्रत्येक माह प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
सवाल में विशेष रूप से दामोदर नदी में बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण का मुद्दा उठाया गया. यह पूछा गया कि क्या सतत नागरिक प्रयासों से औद्योगिक प्रदूषण से लगभग मुक्त हुई दामोदर नदी फिर से प्रभावित हो रही है? साथ ही आरोप लगाया गया कि दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) के चंद्रपुरा ताप विद्युत गृह के ऐश पॉन्ड विस्तार में नदी क्षेत्र का अतिक्रमण हुआ है और बोकारो ताप बिजली घर की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से दूषित बहिस्राव कोनार नदी में गिर रहा है. इसके अलावा एनटीपीसी द्वारा टंडवा क्षेत्र में कोयला खनन से निकले दूषित पानी को सीधे दामोदर नदी में प्रवाहित किए जाने का आरोप भी लगाया गया.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था. कमेटी ने जांच पूरी कर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि विभाग को हर माह इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जल एवं वायु संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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