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झारखंड विधानसभा : वेल में विपक्ष, रुक-रुक कर नारेबाजी

  • हंगामे के बीच कुछ काम की भी बातें, उठे कुछ महत्वपूर्ण सवाल
  • साइलेंट मैज्योरिटी पर हावी होती वोकल माइनोरिटी पर कार्रवाई की भी उठी मांग
  • नियोजन नीति पर चलते सत्र में पक्ष रखेंगे सीएम, भाजपा ने बंद की टी-शर्ट पॉलिटिक्स
  • सरयू ने सदन में मंत्री बन्ना गुप्ता को पढ़ाया कार्यपालिका नियमावली का पाठ
  • बन्ना बोले- हमारे पास भी है पेपर्स, मंत्री रहते सरयू ने भी किया है कार्यपालिका नियमावली का उल्लंघन
Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन भी रुक-रुक कर सदन के अंदर विपक्ष का हंगामा और नारेबाजी जारी रहा. हालांकि बाद में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के बाद नियोजन नीति को लेकर जारी गतिरोध खत्म हो गया. चलते सत्र में ही मुख्यमंत्री ने इस पर अपना पक्ष रखने की स्वीकृति दी. इसके बाद भाजपा ने टी-शर्ट पॉलिटिक्स बंद करने की घोषणा की. इससे पहले सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच कुछ काम की बातें भी हुईं. कुछ महत्वपूर्ण सवाल सदन में उठे. सदन में साइलेंट मैज्योरिटी पर हावी होती वोकल माइनोरिटी पर कार्रवाई की मांग भी उठी. सरकार ने एक महीने में वक्फ बोर्ड का गठन करने का आश्वासन दिया और विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को कार्यपालिका नियमावली का पाठ पढ़ाया. सरयू राय ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत कहा कि स्वास्थ्य विभाग में पिछले दो साल में ट्रांसफर-पोस्टिंग में कार्यपालिका नियमावली की अवहेलना की गई है. साल में एक बार की जगह कई बार थोक भाव में ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है.

ट्रांसफर-पोस्टिंग पर सीएम की स्वीकृति ली गई थी- बन्ना

इस पर बन्ना गुप्ता ने जवाब दिया कि परंपराओं के मुताबिक ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है और इस पर मुख्यमंत्री की स्वीकृति भी ली गई है. उन्होंने यह भी कहा कि यह सवाल उठाने वाले सरयू राय भी खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री रहे हैं. सरयू के विभाग के पेपर्स उनके पास हैं कि उन्होंने भी कब-कब कार्यपालिका नियमावली का उल्लंघन किया है. इस पर सरयू राय ने कहा कि मंत्री को कार्यपालिका नियमावली की अलग ही समझ है. उन्होंने तो ट्रांसफर-पोस्टिंग में स्थापना समिति के मार्गदर्शक सिद्धांतों की भी अनदेखी की है. सरयू ने चैलेंज किया कि अगर मुख्यमंत्री से अनुमोदन हो गया है, तो फाइल दिखाएं, जिसमें सीएम की अनुमति है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई वरीय मंत्री या मुख्यमंत्री बन्ना गुप्ता को कार्यपालिका नियमावली के बारे में समझा दें.

पहले आसन के नियमन का पालन करें, तब मिलेगा बोलने का समय- स्पीकर

बुधवार को स्पीकर की ओर से नियमन देने के बावजूद भाजपा विधायक स्लोगन लिखे टी-शर्ट पहनकर सदन में आए. हंगामे के कारण स्पीकर ने पहली पाली में 2 बार सदन की कार्यवाही स्थगित की, लेकिन आसन के नियमन के उल्लंघन होने से नाराज स्पीकर ने उनके हंगामे पर कुछ नहीं कहा. हंगामे के बीच ही स्पीकर ने अल्पसूचित, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण के सवाल लिए. इसी बीच भाजपा के विधायक कुछ बोलने के लिए उनसे बार-बार अनुमति मांग रहे थे. इस पर स्पीकर ने कहा कि आपलोग आसान के नियमन का उल्लंघन कर सदन में आये हैं. कल ही आसन से यह नियमन हुआ था कि स्लोगन लिखे कपड़े पहनकर नहीं आना है. आपलोग जब आसन के आदेश का पालन ही नहीं करते हैं, तो आसान से समय क्यों मांगते हैं. पहले आप नियमन का पालन कीजिये, तब समय मिलेगा.

वोकल माइनॉरिटी साइलेंट मैजोरिटी पर हावी- सरफराज

इसी बीच झामुमो विधायक सरफराज अहमद ने कहा कि चार दिनों से विपक्ष के द्वारा सदन में जो आचरण किया जा रहा है, वो देखा नहीं जा रहा है. यह अच्छा नहीं है. उन्होंने कहा कि वोकल माइनॉरिटी साइलेंट मैजोरिटी पर हावी है. इस पर करवाई होनी चाहिए.

एक महीने के अंदर कर लिया जाएगा वक्फ बोर्ड का गठन- हफीजुल हसन

मंत्री हफीजुल हसन में सदन में आश्वासन दिया है कि एक महीने के अंदर झारखंड राज्य वक्फ बोर्ड का गठन कर लिया जाएगा. माले विधायक विनोद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री हफीजुल अंसारी ने यह आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का गठन कर लिया गया है, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना आदि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इसके अलावा राज्य एवं जिला स्तरीय 15 सूत्री समिति का गठन कर लिया गया है. एक महीने में भीतर वक्फ बोर्ड का भी गठन कर लिया जाएगा.

नई नियुक्ति नियमावली से जल्द शुरू होगी नियुक्तियां- आलमगीर

संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने विधानसभा में कहा है कि नियुक्ति नियमावली कैबिनेट से पारित हो चुका है और बहुत जल्द नियुक्तियां शुरू होंगी. विधायक लंबोदर महतो के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि 1932 आधारित स्थानीय और नियोजन नीति को सर्वसम्मति से विधानसभा से पारित कराकर राज्यपाल के माध्यम से भारत सरकार को भेजा गया है. भारत सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है, इसका हमलोग इंतजार नहीं कर सकते, क्योंकि समय निकल जाएगा. इस बात को ध्यान में रखकर सरकार ने कैबिनेट से नई नियुक्ति नियमावली पारित करा ली है. विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए अलग अलग नियमावली बनाई गई है. विभागों से रिक्तियां भी मांगी जा रही है. बहुत विभागों से रिक्तियों की सूची भी आई है. सरकार बहुत जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रही है.

मंत्री स्पष्ट बताएं प्रति प्रखंड कितना डीप बोरिंग मिलेगा- दीपिका

सदन में कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ने अल्पसूचित प्रश्न के तहत सरकार से सिंचाई के लिए परकोलेशन टैंक की जगह डीप बोरिंग योजना को स्वीकृति देने की मांग की. कहा कि राज्य के किसान डीप बोरिंग की मांग कर रहे हैं. इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि 2023-24 के बजट में डीप बोरिंग के लिए 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है. इस पर एक अप्रैल के बाद राज्यादेश निकलेगा. विधायक ने मंत्री से जानना चाहा कि प्रति प्रखंड कितना डीप बोरिंग दिया जाएगा. इस पर मंत्री स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पाए. मंत्री के जवाब पर सदन में उन्हें घेरते हुए विधायक दीपिका ने कहा कि अध्यक्ष महोदय मंत्री जी कैसा गोलमटोल जवाब दे रहे हैं, आपके सामने है. हमलोग इसके लिए सवाल नहीं करते हैं. मंत्री स्पष्ट बताएं कि प्रति प्रखंड कितना डीप बोरिंग दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें – रामनवमी">https://lagatar.in/hindu-campaigners-begin-indefinite-hunger-strike-against-prohibition-and-ban-on-dj-in-ram-navami-procession/">रामनवमी

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