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झारखंड विस सत्र : भाजपा विधायकों पर आखिर क्यों करनी पड़ी सख्त कार्रवाई, स्पीकर ने बताये कारण

 
  • - भाजपा विधायकों ने संवैधानिक मर्यादा को तार-तार किया
  • - सभा स्थल की गोपनीयता को सोशल मीडिया में वायरल करने, सदन में लंबा बैनर वर्जित होने के बावजूद लाने, महिला-पुरुष मार्शलों के साथ अभद्र व्यवहार के       कारण लेना पड़ा निर्णय
  • - सदन में बैनर लाने के मामले की जांच कराई जा रही है
Kaushal Anand  Ranchi :   झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र के चौथे और पांचवें दिन भाजपा विधायकों की कारगुजारियों के खिलाफ स्पीकर रबींंद्र नाथ महतो ने कड़ा कदम उठाया. स्पीकर ने भाजपा के 18 विधायकों को निलंबित कर दिया. स्पीकर ने बीजेपी विधायकों पर की गयी सख्त कार्रवाई पर अपनी बात बेबाकी से रखी. उन्होंने कहा कि विशेषाधिकार मामले में सभा सर्वोच्च है. यह आसन कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के सर्वोच्च शक्तियों से युक्त है.  भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों और झारखंड विधानसभा के कार्य संचालन के नियम के 299, 300 और 310 के तहत इन विधायकों पर कार्रवाई की गयी. स्पीकर ने कहा कि सभा स्थल की गोपनीयता को सोशल मीडिया में वायरल करने, सदन में लंबा बैनर वर्जित होने के बावजूद लाने और महिला-पुरुष मार्शलों के साथ अभद्र व्यवहार के कारण लेना उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा. कहा कि सदन में बैनर लाने के मामले की जांच करायी जा रही है, आगे इस तरह की काम कोई सदस्य न करे, इसलिए संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करके सख्त कदम उठाया गया.

सभा के अंदर तस्वीर-वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर सदन की गोपनीयता भंग की

स्पीकर ने कहा कि सभा स्थगित होने के बाद भी सदस्य वेल में धरने पर बैठे रहे. सदस्यों से मिलकर आग्रह भी किया. लेकिन वो नहीं माने और वहां जमे रहे. यह सदन के सामान्य नियम के प्रतिकूल है. सदन स्थगित होने के बाद अंदर हंगामा पूर्ण निषिद्ध है. सभा के भवन का उपयोग, सभा की बैठक के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के प्रयोजन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.  भाजपा विधायकों ने उनके साथ संसदीय मर्यादा के अनुकूल व्यवहार नहीं किया. उन्होंने मार्शलों के साथ अनुचित व्यवहार किया. उन लोगों ने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया. सात से आठ घंटे बीत जाने के बाद मार्शल ने सम्मान के साथ उन्हें सभा भवन से बाहर किया. बाहर करने के बाद भी सभी लॉबी में बैठे रहे. कहा कि भाजपा विधायकों ने असामान्य व्यवहार किया....जिसे सामान्य भाषा में हुड़दंगई भी कहा जा सकता है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षा कर्मी परेशान और चिंतित रहे. सभी ने रात भर विधानसभा में अव्यवस्था फैलाकर रखा. उनलोगों ने वेल में हंगामे का वीडियो बनाकर वायरल किया. उसे फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया में जारी किया जबकि सदन के अंदर तस्वीर और वीडियो लेना वर्जित है. कहा कि भाजपा विधायकों ने सभा स्थल की गोपनीयता को तार-तार करने का प्रयास किया है. कहा कि अगर इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती तो इनका मनोबल और बढ़ जाता. भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो, इसलिए संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके यह सख्त कदम उठाया गया. [wpse_comments_template]    
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