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झारखंड सहायक प्राध्यापक संघ ने आभार जताया

 
Ranchi : झारखंड सहायक प्राध्यापक संघ की रांची विश्वविद्यालय इकाई की बैठक बुधवार को हुई. इसकी अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन शाही ने की. कहा गया कि राज्य कैबिनेट ने  प्रोफेसर नियुक्ति में नैक ग्रेड के आधार पर पीएचडी की डिग्री में वरीयता देने वाले निर्णय को खत्म कर दिया है और यूजीसी के नियम को लागू किया है. सरकार के इस निर्णय पर संघ ने आभार जताया. डॉ. त्रिभुवन शाही ने कहा कि 2018 एक्ट के पृष्ठ संख्या 50 में उल्लेखित बिंदु संख्या 13.0 के अनुसार किसी भी विश्वविद्यालय में अनुबंध पर कार्यरत सहायक प्राध्यापकों का न्यूनतम मानदेय 57,700 रुपये से कम नहीं होना चाहिए. सरकार को इसे भी जल्द लागू करना चाहिए. यूजीसी रेगुलेशन के अनुसार न्यूनतम ग्रेड पे या ग्रॉस सैलरी नहीं मिलने के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर की सीधी नियुक्ति में शैक्षणिक अनुभव का लाभ न तो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मिल रहा है और ना ही किसी राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों में. बैठक में डॉ निरंजन महतो, डॉ. अंशुल, डॉ. उषा, डॉ कन्हैया लाल, डॉ रामकुमार, डॉ मुकेश उरांव और डॉ राजश्री उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/ranchi-review-of-progress-of-rural-housing-schemes-ddc-expressed-displeasure/">रांची

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