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झारखंड बंद : सड़क पर उतरे आंदोलनकारी, पलामू-बोकारो में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन

लातेहार में झारखंड आंदोलनकारियों ने किया सड़क जाम

झारखंड आंदोलनकारियों ने सड़क जाम किया

Latehar News : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वन किया था. जिले के महुआडांड़ प्रखंड में झारखंड आंदोलनकारियों ने प्रखंड के कूरो मोड़ के पास सड़क जाम किया. उन्होंने बांस की बैरिकेडिंग कर दोनों ओर से सड़क जाम कर दिया. इस कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. 

हालांकि 10-15 मिनट के अंतराल में वाहनों को आने-जाने दे दिया गया. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रंजीत टोप्पो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य निर्माण कराने मे आंदोलनकारियों ने बहुत संघर्ष किया. कई आंदोलनकारी जेल गये. कईयों ने अपना घर बार छोड़ कर आंदोलन में हिस्साद लिया, लेकिन झारखंड बनने के 25 सालो बाद भी किसी सरकार ने आंदोलनकारियो की सुधी तक नहीं ली है.

आंदोलनकारियों ने बराबर अपनी मांगों से सरकार को अवगत कराया, लेकिन हर बार झूठा आश्वासन या टाल मटोल ही मिला. उन्होंने आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान एवं अलग पहचान देने, उनके बच्चों को रोजगार एवं नौकरियों में 100 प्रतिशत गारंटी देने की मांग की.

आंदोलनकारियों ने सरकार से जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी वास्तविक झारखंड आंदोलनकारियों को 50 हजार रुपये सम्मान पेंशन देने की मांग की. मौके पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सचिव राजेश लकड़ा, सलाहकार समिति के जेरोम तिग्गा, निर्मल कुजूर, दमासीयूस मिंज, बेनार्ड कुजूर, विक्टोरिया खाखा, मार्टिन खलखो समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे.

चतरा में शांतिपूर्ण रहा झारखंड आंदोलनकारियों का बंद, केसरी चौक पर जुटे सैकड़ों कार्यकर्त्ता

चतरा में शांतिपूर्ण रहा बंद

Chatra News :   झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा समेत विभिन्न संगठनों की ओर से आहूत संपूर्ण झारखंड बंद चतरा में शांतिपूर्ण रहा. हालांकि बंद के समर्थन में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा और विभिन्न संगठनों के नेता एवं सैकड़ों आंदोलनकारी शहर के केसरी चौक पर एकत्रित हुए, जिसके कारण कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई.

जाम लगने के कारण यातायात प्रभावित हुआ और  चतरा-गया व चतरा-रांची मुख्यपथ एनएच-22 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. सड़क जाम की सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे . पुलिस ने आंदोलनकारियों को हिरासत लेकर सदर थाना ले गए. वहां कुछ देर रखने के बाद सभी को छोड़ दिया गया. 

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के जिला प्रवक्ता राज किशोर कमल ने बताया कि बंद का उद्देश्य झारखंड आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को सरकार तक पहुंचाना है. कहा कि आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान व अलग पहचान देने और उनके बाल-बच्चों को रोजी-रोजगार व नौकरियों में 100 प्रतिशत गारंटी देने की मांग लंबे समय से की जा रही है.

इसके अलावा जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से 50-50 हजार रुपये पेंशन देने और आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्री व आश्रितों की सरकारी नौकरियों में सीधी बहाली की मांग की गई है.

साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से झारखंड आंदोलनकारियों का सर्वोच्च सम्मान देने और छूटे हुए मूल आंदोलनकारियों के लिए झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितीकरण आयोग का पुनर्गठन और झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड के गठन की मांग रखी गई है. 

जिला प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें अविलंब पूरा करने की दिशा में पहल करनी चाहिए.

गिरिडीह में दिखा झारखंड बंद का असर, डुमरी मुख्य मार्ग घंटों रहा जाम

झारखंड बंद का असर गिरिडीह में भी

Giridih News : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बुलाए गए झारखंड बंद का असर गिरिडीह में भी देखने को मिला. आंदोलनकारियों ने पपरवाटाड़ स्थित पुराने टोल प्लाजा के समीप गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दिए जाने के कारण मुख्य मार्ग पर घंटों चक्का जाम की स्थिति बनी रही.

 

सड़क जाम के कारण गिरिडीह-डुमरी मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बंद समर्थक सड़क पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए.

 

आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड आंदोलनकारियों को उचित सम्मान, पहचान और अधिकार मिलना चाहिए. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मोर्चा की ओर से 29 सितंबर की शाम मशाल जुलूस निकाला गया था, जबकि 30 सितंबर को संपूर्ण झारखंड बंद का आह्वान किया गया है.

 

सड़क जाम की सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और आंदोलन कारीयों को समझा बुझा कर सड़क जाम तोड़ा गया. लंबे समय तक जाम रहने से आम लोगों को काफी परेशानी हुई.

Chatra  News : पेंशन, रोजगार व सम्मान की मांग को लेकर सड़क पर उतरे झारखंड आंदोलनकारी, सरकार से तत्काल पहल की मांग..!

चतरा बंद

Chatra News : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा समेत विभिन्न संगठनों की ओर से आहूत संपूर्ण झारखंड बंद चतरा में शांतिपूर्ण रहा. हालांकि बंद के समर्थन में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा और विभिन्न संगठनों के नेता व सैकड़ों आंदोलनकारी शहर के केसरी चौक पर एकत्रित हुए.

 

आंदोलनकारियों के सड़क पर जुटने के कारण कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ और चतरा-गया और चतरा-रांची मुख्यपथ एनएच-22 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक अनिल उरांव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आंदोलनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से हिरासत में लिया और सभी को सदर थाना ले जाया गया. कुछ देर थाना में रखने के बाद सभी आंदोलनकारियों को छोड़ दिया गया.

 

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के जिला प्रवक्ता राज किशोर कमल ने बताया कि बंद का उद्देश्य झारखंड आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को सरकार तक पहुंचाना है. कहा कि आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान और अलग पहचान देने, उनके बाल-बच्चों को रोजी-रोजगार और नौकरियों में 100 प्रतिशत गारंटी देने की मांग लंबे समय से की जा रही है.

 

इसके अलावा जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से 50-50 हजार रुपये पेंशन देने, आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्री व आश्रितों की सरकारी नौकरियों में सीधी बहाली की मांग, दिशोम गुरु शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से झारखंड आंदोलनकारियों का सर्वोच्च सम्मान देने, छूटे हुए मूल आंदोलनकारियों के लिए झारखंड आंदोलनकारी चिह्नितीकरण आयोग का पुनर्गठन और झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड के गठन की मांग की गई हैं. 

जिला प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें अविलंब पूरा करने की दिशा में पहल करनी चाहिए.

 

 

Dhanbad News :  झारखंड बंद के समर्थन में सड़क पर उतरा संघर्ष मोर्चा

झारखंड बंद

Dhanbad  News : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर  बुलाए गए  झारखंड  बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार को धनबाद जिला झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बरवाअड्डा किसान चौक के समीप सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया.

 

कार्यकर्ताओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और आंदोलनकारियों की मांगें पूरी करने की आवाज बुलंद की.प्रदर्शन का नेतृत्व संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय सचिव जगत महतो, जिलाध्यक्ष अनूप साव, जिला उपाध्यक्ष रतिरंजन गिरि, महासचिव विश्वनाथ पाल, सचिव मोईन अंसारी, दिनेश मंडल, राजेंद्र महतो और इमामुद्दीन अंसारी समेत अन्य नेताओं ने किया.

 

वक्ताओं ने कहा कि झारखंड गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी आंदोलनकारी सम्मान और अधिकार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं. आंदोलनकारियों को कम से कम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन, आश्रितों को नौकरी और उचित मान-सम्मान देने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई है.

 

मोर्चा नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सभी आंदोलनकारियों को 10 हजार रुपये पेंशन, उनके आश्रितों को नौकरी और उचित सम्मान नहीं दिया जाता तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा. नेताओं ने कहा कि झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर रांची में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन किया जाएगा.

 

वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड के साथ अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ में आंदोलनकारियों को पेंशन और नौकरी में आरक्षण जैसी सुविधाएं दी गई हैं जबकि झारखंड में आंदोलनकारियों को केवल आश्वासन दिया जा रहा है.

 

धरना-प्रदर्शन में श्याम सिंह, दिलीप विश्वकर्मा, सुधाकर शर्मा, गोपाल मोदक, जीतू साव, मो. कलीम, इस्लाम अंसारी, मुन्ना अंसारी, हराधन मंडल, दुर्योधन मंडल, आनंद साव, जागरण मरांडी, विक्रम यादव, सुखलाल सोरेन, गोपाल मिर्धा, प्रदीप कुमार रजवार, ब्रह्मदेव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे.

झारखंड बंद का मिला-जुला असर, रांची में प्रदर्शन, रामगढ़ में भी NH-33 किया जाम

रांची में प्रदर्शन

Ranchi/Ramgarh :  झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा द्वारा आहूत झारखंड बंद का रांची और रामगढ़ में मिला-जुला असर देखने को मिला. राजधानी रांची में भी सुबह के समय झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर बंद को सफल बनाने का प्रयास किया.

हालांकि करीब 10 बजे के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हो गई. वहीं रामगढ़ में दर्जनों आंदोलनकारियों ने सुबह NH-33 रांची-पटना फोरलेन को जाम कर दिया, जिसके कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ. 

 

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10 बजे के बाद यातायात हुई सामान्य

झारखंड बंद : झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा का गुमला में प्रदर्शन, शंख मोड़ मांझाटोली जाम

सड़क जाम

Gumla News :   झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के आह्वान पर आंदोलनकारियों ने आज रायडीह प्रखंड के शंख मोड़ मांझाटोली में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और अपनी विभिन्न मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की. सड़क जाम के कारण आवागमन प्रभावित रहा.

आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी अपने अधिकार और सम्मान से वंचित हैं. इस दौरान आंदोलनकारियों को राजकीय सम्मान व अलग पहचान देने, उनके बच्चों को रोजगार व सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने और 50 हजार रुपये सम्मान पेंशन देने की मांग की.


झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा ने आंदोलनकारियों के बेटे-बेटियों और आश्रितों की सरकारी नौकरियों में सीधी बहाली करने और छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिह्नित करने के लिए पहचान आयोग या आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी उठाई.

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प्रदर्शन के कारण सड़क जाम की स्थिति

जल-जंगल-जमीन के अधिकार की उठाई आवाज

सड़क जाम के दौरान जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए. आंदोलनकारियों ने लैंड बैंक को रद्द करने, जल-जंगल-जमीन की लूट पर रोक लगाने, गैर-मजरूआ जमीन के रैयतों को मान्यता देने और जमीन अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजा देने की मांग की.

विस्थापितों को मुआवजा, पुनर्वास व रोजगार देने, किसानों के हित में ठोस कदम उठाने, कृषि ऋण माफ करने और किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई. इसके अलावा खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की गई.

भाषा-संस्कृति और रोजगार पर भी जोर

मोर्चा ने झारखंडी भाषा और संस्कृति के संरक्षण की मांग करते हुए कुड़ुख, मुंडारी, हो, संथाली, खड़िया, नागपुरी/सादरी, खोरठा, कुरमाली एवं पंचपरगनिया भाषाओं को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान देने की मांग की. युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, पलायन रोकने, कृषि को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी की गई.

आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करे. मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही गई. सड़क जाम के दौरान मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस के अधिकारी स्थिति को संभालने और यातायात सामान्य कराने की कोशिश कर रहे हैं.

सड़क पर उतरे आंदोलनकारी

Ranchi :   आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों को उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास, विस्थापन आयोग का गठन, झारखंड आंदोलनकारियों को समान पेंशन और उनके बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति शामिल है. किसानों के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और कर्जमाफी की मांग भी की गई है.

Ranchi :  झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा द्वारा आहूत झारखंड बंद असर राज्य के सभी जिलों में देखने को मिल रहा है. बोकारो, पलामू, गुमला के अलावा अन्य जिलों में भी झारखंड आंदोलनकारी, किसान और मजदूर अपनी विभिन्न लंबित मांगों, विस्थापन की समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. 

 

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों को उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास, विस्थापन आयोग का गठन, झारखंड आंदोलनकारियों को समान पेंशन और उनके बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति शामिल है. किसानों के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और कर्जमाफी की मांग भी की गई है.

 

बोकारो :  झारखंड आंदोलनकारियों ने आईटीआई मोड़ पर किया चक्का जाम

बोकारो के उप नगर चास में भी झारखंड बंद का असर देखने को मिला. झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान और अधिकारों की मांग को लेकर बुधवार की सुबह झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चास के आईटीआई मोड़ पर चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज राय ने की. 

 

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स्थानीय नीति लागू करने और आंदोलनकारियों का नाम दर्ज करने की मांग 

 

प्रदर्शनकारियों ने झारखंड की स्थानीय नीति लागू करने और झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों का नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई. उनका कहना है कि झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए.

 

चक्का जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों  के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की. प्रदर्शन के कारण आईटीआई मोड़ पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. 

 

मेदिनीनगर में झारखंड आंदोलनकारियों का प्रदर्शन, रेड़मा चौक जाम

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का पूर्व प्रस्तावित प्रदर्शन मेदिनीनगर में प्रभावी रहा. पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत महिला और पुरुष आंदोलनकारियों ने रेड़मा चौक जाम कर दिया और अपनी मांगों को लेकर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

 

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रेड़मा चौक पर आंदोलनकारियों की मांगो को लेकर प्रदर्शन

 

आंदोलनकारी पेंशन, सम्मान समेत विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान सड़क पर आवाजाही रोक दी गई ह,  जिसकी वजह से कारण रेड़मा चौक पर जाम की स्थिति बनी हुई है. मौके पर पुलिस मौजूद है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

 

स्थिति यह है कि आंदोलनकारी बाइक तक को पार नहीं होने दे रहे हैं. इससे रेड़मा चौक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है.जाम में कई स्कूल बस भी फंसे हैं. वहीं ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जाम में फंसे लोग दूसरे रास्तों का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

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