Ranchi : भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत राजधानी रांची सहित राज्य के सभी मंडलों में हूल दिवस मनाया. इस अवसर पर भोगनाडीह, मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू पार्क, प्रदेश कार्यालय और विभिन्न जिलों में सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो की प्रतिमाओं एवं चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
रांची के सिदो-कान्हू पार्क में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने वीर शहीदों को नमन करते हुए उनके बलिदान को जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बताया.
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के संघर्ष, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है. उन्होंने आरोप लगाया कि भोगनाडीह में श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन का रवैया अंग्रेजों जैसा रहा. उन्होंने कहा कि आदिवासियों को अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए अनुमति और बॉन्ड भरने की बाध्यता अनुचित है और सरकार का यह रवैया तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 1855 का हूल आंदोलन अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनजातीय समाज के संघर्ष का ऐतिहासिक प्रतीक है. उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित सभी वीर शहीदों का बलिदान आज भी अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है.राज्य के विभिन्न जिलों में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हूल क्रांति के महानायकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.
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