Ranchi: झारखंड BJP ने Minority outreach को लेकर नया move किया है. पार्टी ने मो ताजदार आलम को प्रदेश Minority Morcha की कमान सौंपी है. आज प्रदेश BJP कार्यालय में उनका कार्यभार ग्रहण सह अभिनंदन समारोह होगा. इस appointment के साथ BJP की मुस्लिम representation को लेकर पुराना सवाल फिर चर्चा में है.
झारखंड बने करीब 25 साल हो चुके हैं. इस दौरान BJP कई बार सत्ता में रही और विधानसभा में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. लेकिन उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक BJP के टिकट पर अब तक कोई मुस्लिम उम्मीदवार विधायक नहीं बना. 2024 विधानसभा चुनाव में भी BJP के 21 विधायकों में कोई मुस्लिम चेहरा नहीं था.
हालांकि, BJP के पास झारखंड से मुस्लिम representation का एक बड़ा नाम जरूर रहा है. मुख्तार अब्बास नकवी 2016 से 2022 तक झारखंड से BJP के राज्यसभा सांसद रहे. लेकिन यहां फर्क समझना जरूरी है. नकवी विधायक नहीं थे. वे राज्यसभा के सदस्य थे और उनका चुनाव झारखंड विधानसभा के MLAs ने राज्यसभा के लिए किया था.
इसके उलट 2024 में चार मुस्लिम विधायक विधानसभा पहुंचे. इनमें JMM के हफीजुल हसन और मोहम्मद ताजुद्दीन तथा Congress के इरफान अंसारी और निशात आलम शामिल हैं. 81 सदस्यीय विधानसभा में मुस्लिम representation चार सीटों पर रहा.
कई सीटों पर मुस्लिम मतदाता भी चुनावी समीकरण में महत्वपूर्ण हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जामताड़ा में करीब 38 फीसदी, पाकुड़ में 35 फीसदी, राजमहल में 34 फीसदी, गोड्डा में 27 फीसदी, मधुपुर में 25 फीसदी और गांडेय में करीब 23 फीसदी मुस्लिम मतदाता बताए जाते हैं.
अब ताजदार आलम के सामने चुनौती Minority Morcha के कार्यक्रमों से आगे बढ़कर booth level पर संगठन मजबूत करने और मुस्लिम समाज के बीच BJP का political communication बढ़ाने की होगी.
BJP का Minority Mission अब event mode से ground connect की ओर बढ़ता दिख रहा है. इसका असर संगठन, political dialogue और future candidate representation पर कितना दिखेगा, यह आगे देखने वाली बात होगी.
