Jamshedpur (Anand Mishra) : जमशेदपुर, सरायकेला खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम समेत राज्य के सभी जिलों में शिक्षा विभाग की ओर से `सीटी बजाओ, उपस्थित बढ़ाओ` अभियान की शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों का दोबारा नामांकन कराना है. शिक्षा सचिव के रविकुमार व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम के कार्यान्वयन की निगरानी कर रहे हैं. अभियान के राज्य पदाधिकारी बादल राज को जिले में चलाये जा रहे ‘सीटी बजाओ, उपस्थित बढ़ाओ’ अभियान की जानकारी दी जा रही है. इस अभियान के तहत स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ ही आउट ऑफ स्कूल व ड्रॉप आउट बच्चों को भी स्कूल लाने का प्रयास किया जा रहा है. यह जानकारी जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) की डीएसई निशु कुमारी ने दी. इसे भी पढ़ें : बोले">https://lagatar.in/state-project-director-said-10th-board-will-provide-sports-subjects-to-the-players/">बोले
राज्य परियोजना निदेशक, खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स सब्जेक्ट से दिलवाएंगे 10वीं बोर्ड दूसरी ओर जेईपीसी सरायकेला के फील्ड मैनेजर मोहम्मद अशफाक हुसैन ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक गांव में प्रत्येक बच्चे को एक सीटी प्रदान की जाती है और उसे 20 से 25 बच्चों को स्कूल लाने कि जिम्मेदारी सौंपी जाती है. प्रत्येक गांव में एक नामित मॉनिटर के नेतृत्व में स्कूल ड्रेस पहने छात्र सुबह 8 बजे स्कूल जाते समय सीटियां बजाते हैं. यह माता-पिता के लिए एक संकेत के रूप में कार्य करता है कि स्कूल खुला है और उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करता है. सीटी ग्रामीण क्षेत्रों में एक अलार्म के रूप में कार्य करती है. यह माता-पिता और बच्चों को स्कूल के लिए तैयार होने के लिए प्रेरित करती है. यह अभियान स्कूल बंद होने जैसे बहानों पर अंकुश लगाने, छात्रों में जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-golmuri-couple-complain-about-builder-to-governor/">जमशेदपुर
: गोलमुरी के दंपती ने राज्यपाल से की बिल्डर की शिकायत जिन बच्चों को सीटी बजाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है उनमें मजबूत प्रबंधन और नेतृत्व कौशल भी विकसित होता है. प्रखंड स्तर पर `सिटी बजाओ, उपस्थित बढ़ाओ` अभियान की मॉनिटरिंग प्रखंड संसाधन सेवी संकुल संसाधन सेवी द्वारा की जा रही है. यह अभियान बच्चों में एक नई उमंग, नई ऊर्जा का संचार कर रहा है. इस अभियान के फलस्वरूप वैसे बच्चे भी स्कूल आ रहे हैं जो लंबे समय से स्कूल नहीं आ रहे थे. `सिटी बजाओ, उपस्थित बढ़ाओ` अभियान में विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, बच्चों के अभिभावकों तथा जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ने कि दिशा में भी कार्य किया जा रहा है. [wpse_comments_template]
राज्य परियोजना निदेशक, खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स सब्जेक्ट से दिलवाएंगे 10वीं बोर्ड दूसरी ओर जेईपीसी सरायकेला के फील्ड मैनेजर मोहम्मद अशफाक हुसैन ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक गांव में प्रत्येक बच्चे को एक सीटी प्रदान की जाती है और उसे 20 से 25 बच्चों को स्कूल लाने कि जिम्मेदारी सौंपी जाती है. प्रत्येक गांव में एक नामित मॉनिटर के नेतृत्व में स्कूल ड्रेस पहने छात्र सुबह 8 बजे स्कूल जाते समय सीटियां बजाते हैं. यह माता-पिता के लिए एक संकेत के रूप में कार्य करता है कि स्कूल खुला है और उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करता है. सीटी ग्रामीण क्षेत्रों में एक अलार्म के रूप में कार्य करती है. यह माता-पिता और बच्चों को स्कूल के लिए तैयार होने के लिए प्रेरित करती है. यह अभियान स्कूल बंद होने जैसे बहानों पर अंकुश लगाने, छात्रों में जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-golmuri-couple-complain-about-builder-to-governor/">जमशेदपुर
: गोलमुरी के दंपती ने राज्यपाल से की बिल्डर की शिकायत जिन बच्चों को सीटी बजाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है उनमें मजबूत प्रबंधन और नेतृत्व कौशल भी विकसित होता है. प्रखंड स्तर पर `सिटी बजाओ, उपस्थित बढ़ाओ` अभियान की मॉनिटरिंग प्रखंड संसाधन सेवी संकुल संसाधन सेवी द्वारा की जा रही है. यह अभियान बच्चों में एक नई उमंग, नई ऊर्जा का संचार कर रहा है. इस अभियान के फलस्वरूप वैसे बच्चे भी स्कूल आ रहे हैं जो लंबे समय से स्कूल नहीं आ रहे थे. `सिटी बजाओ, उपस्थित बढ़ाओ` अभियान में विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, बच्चों के अभिभावकों तथा जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ने कि दिशा में भी कार्य किया जा रहा है. [wpse_comments_template]
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