Ranchi : झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को राज्य के उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों ने संतुलित और विकासोन्मुखी बताया है. हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र के लिए अधिक ठोस प्रोत्साहन और लक्ष्य आधारित प्रावधान की आवश्यकता भी जताई गई है.
चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि बजट राज्य के विकास की दिशा में सकारात्मक पहल है, लेकिन उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए आवंटन में और वृद्धि अपेक्षित थी.
उन्होंने पूंजीगत निवेश, ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और क्लस्टर विकास के लिए विशेष प्रावधान की जरूरत बताई. साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योगों के लिए समर्पित पैकेज की मांग की.
उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने बजट को संतुलित और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि कर संरचना में सुधार और बुनियादी ढांचे पर निवेश से राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.
महासचिव रोहित अग्रवाल ने पूंजीगत व्यय में वृद्धि और आधारभूत संरचना पर जोर को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का संकेत बताया. उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से प्राप्त 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को राज्य की औद्योगिक संभावनाओं का प्रमाण बताया.
सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और एमएसएमई पर फोकस से स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
कोषाध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने बजट को वित्तीय अनुशासन पर आधारित बताया और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने की सराहना की. उन्होंने जीएसटी रिफंड प्रक्रिया में तेजी और ऊर्जा लागत को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की आवश्यकता जताई.
कार्यकारिणी सदस्य विकास विजयवर्गीय ने कहा कि अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन इंडस्ट्री और पीपीपी मॉडल पर जोर निवेश को नई दिशा देगा. वहीं, कुछ सदस्यों ने सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन, भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को धरातल पर लागू करने पर बल दिया.
व्यापारिक संगठनों ने कुल मिलाकर बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यदि घोषणाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, तो झारखंड देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है.
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