- प्रवासी श्रमिकों की सामान्य मौत पर शव लाने पर सरकार आश्रितों को देगी 25,000 रुपए की आर्थिक राहत
- निजी और सरकारी बीएड महाविद्यालयों (नामांकन एवं शुल्क निर्धारण) के संचालन के लिए परिनियम 2020 का हुआ गठन
एंट्रेंस परीक्षा 20 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच ली जाएगी
हर शैक्षणिक वर्ष में एंट्रेंस परीक्षा 20 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच ली जाएगी. 25 मई से 30 मई के बीच रिजल्ट जारी होगा. काउंसलिंग की तिथि 1 जून से 25 जून, काउंसलिंग के बाद एडमिशन की अंतिम तिथि 28 जून और शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 जुलाई से होगी. आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए सीटों का आरक्षण सरकार के नियमों के अनुसार होगा. कुल सीटों में से 85 प्रतिशत सीटें झारखंड के यूनिवर्सिटी से उत्तीर्ण छात्रों के लिए आरक्षित होगा. शेष 15 सीटें खुली होंगी.सीडीपीओ परीक्षा नियमावली में हुए संशोधन
कैबिनेट की बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है. इसमें सबसे प्रमुख झारखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सेवा,संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली 2018 में संशोधन है. अब जो प्रस्ताव हुआ है, उसमें शामिल हैं.. क - मुख्य परीक्षा में पहले 100 अंक का हिंदी विषय था. यह क्वालीफाइंग था. कम से कम 40 लाना होता था. इसके अंक मैरिट लिस्ट में नहीं जोड़े जाते थे. संशोधन के तहत अब क्वालीफाइंग मार्क्स 30 होगा. ख - सामान्य अध्ययन 150 अंक का था. संशोधन के बाद यह अब दो पेपर (प्रत्येक 100-100 का) का होगा. ग - अब वैकल्पिक विषयों में गृह विज्ञान, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, श्रम एवं समाज कल्याण विषय के रूप में होंगे. अभ्यर्थी को एक विषय का चयन करना होगा. प्रत्येक विषय में दो पेपर होंगे. घ - मुख्य परीक्षा में पास अभ्यर्थियों के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग इंटरव्यू लेगा. यह 50 अंकों का होगा.प्रवासी श्रमिकों की सामान्य मौत पर शव लाने के लिए परिजनों को 25000 रुपए की मदद
राज्य के मृत या पीड़ित प्रवासी श्रमिकों के आश्रितों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा फैसला किया गया है. अब केवल प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना की स्थिति में ही नहीं बल्कि सामान्य मौत पर भी प्रवासी श्रमिकों के शव को पैतृक आवास लाने में आश्रितों के परिजनों को सरकार 25000 रुपए का आर्थिक सहायता देगी. यह राशि पंजीकृत और अंपजीकृत प्रवासी श्रमिकों पर लागू होगी. इसे भी पढ़ें – सालखन">https://lagatar.in/salkhan-should-go-to-odisha-and-do-politics-tribals-and-jains-have-been-worshiping-together-in-parasnath-for-centuries-minister-jagarnath-mahato/">सालखनओड़िशा जाकर राजनीति करें, पारसनाथ में आदिवासी व जैनी सदियों से मिलजुलकर पूजा करते आए हैं : मंत्री जगरनाथ महतो [wpse_comments_template]

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