- झारखंड में संगठित अपराध का बढ़ता दायरा
- कभी साथ काम करने वाले अपराधी ने बना लिया खुद का अलग गिरोह
Saurav Singh Ranchi : झारखंड में आपराधिक गिरोह की सक्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है. राज्य में सक्रिय कई आपराधिक गिरोहों ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे रखी है. इन गिरोहों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनके सदस्य अक्सर एक-दूसरे के पुराने साथी होते हैं. समय के साथ इनमें फूट पड़ती है और ये खुद का नया गिरोह बना लेते हैं. आइए जानते हैं ऐसे अपराधी के बारे, जिन्होंने अपना अलग गिरोह बना लिया.
कभी साथ काम करने वाले अपराधी बना रहे अपना गिरोह :
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गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुर्गा रहा
सुधीर दूबे अब विरोध में खडा हो गया, एक के बाद एक वारदात को अंजाम देकर उसने पुलिस को चुनौती देने का काम किया है. हालांकि सुधीर दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, वो वर्तमान में जेल से गिरोह चला रहा है. -
झारखंड के अपराध जगत में एक नये गैंगस्टर की एंट्री हो गयी है. कोयलांचल में अपने अलग गैंग की शुरुआत करते हुए दर्जनों संगीन आपराधिक केस के आरोपी
राहुल दुबे के गुर्गे एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. कभी
अमन साहू गिरोह के लिए काम करने वाला राहुल दुबे ने कहा है कि उसका अमन साहू गैंग से कोई लेना देना नहीं है. - धनबाद के कुख्यात
गैंगस्टर अमन सिंह की तीन दिसंबर 2023 को जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. उस पर सात गोलियां दागी गयी थी. उसकी हत्या की जिम्मेदारी उसके पुराने गुर्गे धनबाद के हीरापुर जेसी मल्लिक रोड के रहने वाले
आशीष रंजन उर्फ छोटू ने ली थी. जो किसी जमाने में अमन को अपना बड़ा भाई मानता था. अमन सिंह की हत्या कराने के बाद आशीष रंजन खुद अमन सिंह गिरोह का सुप्रीमो बन गया है. झारखंड पुलिस आशीष रंजन की तलाश में जुटी है. - कभी
सुजीत सिन्हा और अमन साहू साथ में गिरोह चलाते थे. हालांकि साल 2023 में अमन गैंग से जुड़े मयंक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि उनका सुजीत सिन्हा से कोई लेना देना नहीं है. मयंक ने बताया था कि काफी पहले उसका और उसके बॉस यानी अमन का सुजीत सिन्हा से संपर्क था, लेकिन कुछ चीजों को लेकर अमन गिरोह उनसे अलग हो गया. -
झारखंड संघर्ष जनमुक्ति मोर्चा का सुप्रीमो अब
राहुल सिंह गैंग के नाम से जाना जायेगा. कोल ट्रांसपोर्टर, डीओ होल्डर, कोल माइनिंग और रैक लोडिंग का काम कर रहे लोगों को सूचित करना था कि विकास तिवारी, अमन साहू और अमन श्रीवास्तव गिरोह को पैसा देना बंद करो. अब जो कोई भी मेरे क्षेत्र में काम करेगा, उसको मेरे से मैनेज करके चलना पड़ेगा. वरना खोपड़ी खोल दिया जायेगा.
झारखंड में इन कुख्यात गिरोह का है आतंक
राज्य में इन दिनों
सर्वाधिक आतंक जेल में बंद अमन साहू और उसके गिरोह के साथियों का है, जो कानून व्यवस्था के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. इसी तरह
पांडेय गिरोह, प्रिंस खान गिरोह, अमन श्रीवास्तव गिरोह, सुजीत सिन्हा गिरोह भी राज्य में सक्रिय हैं. हालांकि देखा जाये तो इन गिरोह के अधिकतर सरगना गिरफ्तार होने के बाद विभिन्न जेलों में हैं, लेकिन इनके गुर्गे आतंक मचाए हुए हैं.
इंटरनेट से आये कॉल को ट्रेस करने में पुलिस नाकाम
झारखंड के अलग-अलग जिलों में अपराधी इंटरनेट कॉल के जरिये कारोबारी को फोन कर रंगदारी और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. इंटरनेट के जरिए किये जाने वाले कॉल में वर्चुअल नंबर का यूज किया जाता है. इसे आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता है. इसके लिए ना तो मोबाइल की भी जरुरत होती है और न ही सिम कार्ड की. सिमकार्ड का इस्तेमाल न होने से पुलिस टावर लोकेशन सहित अन्य जानकारी ट्रेस करने में नाकाम रह जाती है. राजधानी रांची में भी कई लोगों को धमकियां मिली है. जिसे पुलिस ट्रेस करने में नाकाम रही है.
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