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झारखंड : ढाई साल बाद भी बोर्ड- निगम और जिला बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति तक का बंटवारा नहीं कर पायी कांग्रेस

Nitesh Ojha  Ranchi : देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस और उनके नेता, ‘जिन्हें गठबंधन सरकार में रहते हुए प्रेशर पॉलिटिक्स में महारथी माना जाता है’, आज खुद प्रेशर में हैं. झामुमो के साथ झारखंड की सत्ता में रहते हुए गठबंधन सरकार के ढाई साल से ज्यादा हो गये हैं. लेकिन अब तक बोर्ड - निगम और बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति (15 जिलों को छोड़कर) का गठन कांग्रेस पार्टी नहीं कर पायी है. गठन नहीं होने की नाराजगी प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विधायकों में भी है. हालांकि विधायकों ने अपनी नाराजगी के लिए कभी भी बोर्ड - निगम बंटवारा नहीं होने को खुले तौर पर स्वीकार भी नहीं किया है.

अबतक केवल डेडलाइन पर ही जोर

बीस सूत्री और बोर्ड -निगम बंटवारे को लेकर कांग्रेसी नेताओं द्वारा अबतक केवल डेडलाइन ही दी जाती रही है. पूर्व प्रदेश प्रभारी रहे (अभी भाजपा में शामिल हो गये) आरपीएन सिंह ने जनवरी 2021 तक की डेडलाइन दी थी. काफी प्रेशर के बाद दिसंबर 2021 में बीस सूत्री पर काम शुरू हुआ. लेकिन केवल 15 जिलों तक. साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, गढ़वा, लातेहार, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा, रामगढ़, गिरिडीह, बोकारो और चतरा जैसे जिलों और प्रखंडों में उपाध्यक्ष, सदस्य की नियुक्ति की गयी. रांची, धनबाद, जमशेदपुर जैसे अहम माने वाले जिलों में बीस सूत्री का पद आज तक खाली है. इसे भी पढ़ें-न्यू">https://lagatar.in/brainstorming-on-new-education-policy-now-till-july-11/">न्यू

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को-ऑर्डिनेशन कमिटी की पहली बैठक में भी चर्चा नहीं

बोर्ड-निगम बंटवारे के लिए 2 जून को झामुमो, कांग्रेस और आरजेडी के बीच 9 सदस्यीय को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया. कमेटी की पहली बैठक 17 जून को भी हुई. बैठक के बाद विधायक दल के नेता आलमगीर आलम द्वारा यही बताया गया कि यह पूरी तरह से मांडर उपचुनाव और लॉ एंड ऑर्डर पर केंद्रित थी. यानी पहली बैठक में भी बोर्ड-निगम बंटवारे पर चर्चा नहीं हुई.

बहुत जल्द होगा बचे हुए जिलों में बीस सूत्री और बोर्ड -निगम का बंटवारा

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/rakesh.jpg"

alt="" width="1156" height="867" /> प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा है कि को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन हो गया है. कमेटी की पहली बैठक हुई है. सारा मामला गठबंधन के सहयोगी दलों के संज्ञान में है. बहुत जल्द बचे हुए जिलों में बीस सूत्री और बोर्ड -निगम का बंटवारा हो जाएगा. इसे भी पढ़ें- गुमला:">https://lagatar.in/gumla-cpi-maoists-zonal-commander-mathu-lohra-arrested/">गुमला:

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