- कहा- कौशल विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए गरीबी दूर की जा सकती है
ग्रामीण स्तर पर उत्पादित सामग्रियों की मार्केटिंग की बड़ी समस्या
राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर उत्पादित सामग्रियों की मार्केटिंग की बड़ी समस्या है. उनके उत्पाद को मार्केटिंग करने वाली संस्था या ऑनलाइन एप से जोड़ने में सहयोग किया जाए, ताकि उनके उत्पाद की बिक्री हो सके और वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें . इससे उनमें जागरूकता बढ़ेगी और उनके उत्पाद की गुणवत्ता स्वमेव बढ़ती चली जाएगी.शिक्षित युवा उद्यम स्थापित करने पर कम से कम 4-5 लोगों को रोजगार दे सकता है
उन्होंने कहा कि एक शिक्षित युवा द्वारा उद्यम स्थापित करने पर कम से कम 4-5 लोगों को रोजगार मिल सकता है. उन्होंने फेलोशिप कर रहे विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि गांवों में जाकर ग्रामीणों से संपर्क करें. उनकी परिस्थितियों से अवगत होते हुए उपयोगी सेक्टर का चयन कर उस पर कार्य करने के लिए प्रेरित करें. इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी एवं आईआईएम, रांची के निदेशक डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – बड़कागांव">https://lagatar.in/in-barkagaon-criminals-fired-furiously-beat-up-scribes-and-laborers/">बड़कागांवमें अपराधियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, मुंशी और मजदूरों को पीटा [wpse_comments_template]

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