Ranchi : सुखदेवनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने पीड़क कार्रवाई पर रोक लगा दी है. इससे हस्ताक्षेपकर्ताओं (पीड़ितों) को तत्काल राहत मिली है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश शंकर की बेंच में हुई.
रौनक कुमार एवं 11 लोगों की ओर से हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया गया है.
प्रार्थियों का कहना था कि जिस जमीन पर वह रह रहे हैं, उनका सेटेलमेंट एग्रीमेंट है. उन्होंने करीब सवा करोड रुपए खर्च भी किए हैं. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में इन बातों को छुपाया है और उन्हें मामले में प्रतिवादी भी नहीं बनाया गया था, ताकि वे अपनी बात रख पातें.
कोर्ट ने हेहल सीओ को बताने को कहा है कि हस्ताक्षेपकर्ताओं द्वारा उनको दिए गए आवेदन पर कोई आदेश पारित हुआ है या नहीं. हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता गौरव राज ने पक्ष रखा. अब मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी.
बता दें कि मामले में महादेव उरांव ने अपनी 48 डिसमिल जमीन खाली करने का आग्रह किया था. इसके बाद कोर्ट ने अक्टूबर 2024 में इस जमीन को खाली करने का आदेश सीओ हेहल को दिया था.
दरअसल बीते दिनों जिला प्रशासन ने खादगड़ा शिव दुर्गा मंदिर रोड स्थित मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने 12 घरों को तोड़ने का आदेश दिया है. इसके तहत बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई थी, जिसका स्थानीय निवासी विरोध कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये के हिसाब से भुगतान कर जमीन खरीदी है और यहां घर बनाकर वर्षों से रह रहे हैं. लोगों का आरोप है कि 38.25 डिसमिल जमीन के लिए उन्होंने कुल भुगतान लगभग 1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये किया गया था, लेकिन अब उन्हें बेदखल किया जा रहा है.
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