Vinit Abha Upadhyay
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में डीजीपी को निर्देश दिया है कि राज्य के सभी थानों को पूरी तरह से सीसीटीवी से लैस किया जाए. इसके साथ ही अदालत ने डीजीपी को यह भी निर्देश दिया है कि ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे थाना में लगे सीसीटीवी का डाटा 18 महीने तक स्टोर रहे. हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी रिएल्टी प्राइवेट लिमिटेड और शौभिक बनर्जी एवं अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है. इस मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अजय शाह और कुमार ऋषभ ने बहस की. वहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विनीत चंद्रा ने बहस की. हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि थाना में लगे सीसीटीवी से थाना का चप्पा-चप्पा कवर हो. अदालत ने गृह सचिव को इस आदेश की कॉपी देने का निर्देश दिया है, ताकि आदेश का अनुपालन किया जाए. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने यह आदेश पारित किया है.
सीसीटीवी का डाटा मेंटेन नहीं करना आश्चर्यजनक
दरसअल पश्चिम बंगाल के शौभिक बनर्जी एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि चेक बाउंस से जुड़े केस में वह धनबाद कोर्ट में बेल लेने आए थे, लेकिन धनबाद पुलिस ने उन्हें दो दिनों तक अवैध तरीके से थाना में बैठाए रखा. जबरन दबाव बनाकर दूसरे पक्ष की मदद की. यह सारी घटना बैंक मोड़ थाना में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड है. लेकिन जब अदालत ने थाना में लगे सीसीटीवी का रिकॉर्ड मांगा, तो पुलिस की ओर से यह जवाब दिया गया कि सीसीटीवी का सिर्फ दो दिनों का ही बैकअप उपलब्ध है. जिस पर अदालत ने हैरानी जताते हुए कहा कि धनबाद जैसे शहर, जहां अपराध का ग्राफ काफी ज्यादा है, वहां सीसीटीवी का डाटा मेंटेन नहीं करना आश्चर्यजनक है.
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