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झारखंड : स्कूलों में ''इंपेक्ट''

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  •  झारखंड सरकार नए प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को दे रही व्यावहारिक ज्ञान
  •  35 बिंदुओं पर सरकारी स्कूलों में होगा काम
  •  बच्चों में सकारात्मक बदलाव की है तैयारी
Rajnish Prasad Ranchi : झारखंड के सरकारी स्कूलों में भी अब प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर काम करेंगे. इन स्कूलों में अब किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जाएगा. झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है. इसके लिए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में प्रोजेक्ट इंपेक्ट लागू कर दिया गया है. सरकार की इस पहल को कई जिलों में काफी सराहना मिल रही है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ ही उन्हें मानसिक तौर पर सशक्त बनाना भी है. विभाग की ओर से इस प्रोजेक्ट में कुल 35 बिंदुओं को शामिल किया गया है जो बच्चों के चहुंमुखी विकास में मददगार होंगे. साथ ही उनके व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका भी निभाएंगे. इस प्रोजेक्ट के तहत क्लास 1 से 12 तक के छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है. इसमें बच्चों में सकारात्मक बदलाव के लिए ये काम किया जाना है. इस योजना को झारखंड के सभी स्कूलों में लागू करना है. 35 बिंदुओं में अलग-अलग काम है जो प्रतिदिन बच्चों को सिखाया जाएगा. स्कूलों में पढ़ाई के साथ अन्य व्यावहारिक ज्ञान का ध्यान रखा जाएगा. यह ज्ञान बच्चों के भविष्य में काम आएगा.

इन कार्यक्रमों को किया जाएगा शामिल

  •  सबसे पहले विद्यालय पहुंचने वाले 10 छात्रों का स्वागत शिक्षकों द्वारा किया जाएगा
  •  बच्चों द्वारा प्रार्थना सभा के लिए खुद से पंक्तिबद्ध होना
  •  हाउस कैप्टन द्वारा अपना-अपना हाउस फ्लैग लगाना और अपने हाउस के छात्र-छात्राओं का ध्यान रखना
  •  हाउस कैप्टन द्वारा प्रार्थना सभा हेतु प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को आमंत्रित करना
  •  प्रार्थना सभा में बच्चों द्वारा प्रतिदिन राज्य स्तर से प्रेषित किए जाने वाली न्यूज पढ़ना
  •  प्रार्थना सभा में बच्चों द्वारा सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछना और उसके उत्तर देना
  •  प्रार्थना सभा में आज के विचार बताना
  •  प्रार्थना सभा में सप्ताह में कम से कम एक दिन बच्चों को व्यायाम या योग करवाना
  •  प्रार्थना सभा में शिक्षक छात्रों या किसी आदर्श व्यक्ति स्कूल का एल्यूमिनी की सफलता की कहानियों को बताना
  •  प्रार्थना सभा में प्रधानाध्यापक द्वारा स्पीच देना, प्रधानाध्यापक प्रतीक तीन दिनों में बच्चों से रूबरू होंगे जिससे विद्यालय संबंधी महत्वपूर्ण बातें करेंगे हैं
  •  प्रोजेक्ट रेल द्वारा हुए टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन वाले छात्र को सम्मानित करना
  •  प्रार्थना सभा में बच्चों की यूनिफॉर्म, शारीरिक स्वच्छता और नाखून की जांच करना
  •  प्रार्थना सभा समाप्ति के बाद सप्ताह में 1 दिन पूरे विद्यालय परिसर की साफ-सफाई करना
  •  प्रार्थना सभा के कक्ष में जाते समय कदमताल करना
  •  स्कूल में बच्चों का जन्मदिन मनाना
  •  तारीख, समय, थॉट ऑफ द डे, वर्ड ऑफ द डे, नेम ऑफ क्लास टीचर जैसी अन्य जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर लिखना
  •  बच्चों और शिक्षकों द्वारा मिलजुल कर क्लास रूम की नियमित रूप से साफ-सफाई करना
  •  क्लास की दीवारों पर एजुकेशन मॉडल का चार्ट पेपर लगाना
  •  प्रतिदिन बच्चों के बैठने की जगह को बदलना
  •  पुराने पेपर की किताब कॉपी में काम करवाना
  •  सप्ताह के प्रत्येक दिन अलग-अलग तरीके से स्वागत करना
  •  बच्चों द्वारा स्वयं आउट पास बनाया जाएगा और मॉनिटर द्वारा इसका संधारण किया जाएगा
  •  हर दो महीने में क्लास मॉनिटर चेंज करना
  •  हर दिन एक स्मार्ट क्लास का आयोजन करना
  •  गेम, आर्ट, क्राफ्ट, कलर जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन
  •  बच्चों द्वारा अपने हाउस बोर्ड को सजाना
  •  इको क्लब, स्पोर्ट्स क्लब, आर्ट एंड क्राफ्ट क्लब, सिंगिंग एंड डांसिंग क्लब, लीगल लिटरेसी क्लब, शायरी क्लब, डिबेट क्लब, जल सेनानी क्लब बनाना
  •  महत्वपूर्ण दिवस मनाना
  •  स्पोर्ट्स डे मनाना
  •  बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर को विद्यालय की दीवारों पर लिखना
  •  ओला टैगिंग करना
  •  रेल प्रोजेक्ट कॉपी चेकिंग
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