- 22 मार्च तक राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों के चित्रकला का प्रदर्शन
36 जगहों में नगर वन विकसित करने का कार्य
डॉ संजय श्रीवास्तव ने कहा कि झारखंड के शहरों में नगर वन की योजना पर काम किया जा रहा है. पूरे राज्य में 36 जगहों में नगर वन विकसित करने का कार्य किया जा रहा है, जहां 2-4 हेक्टेयर जमीन पर जंगल का स्वरूप आकार लेगा. साथ ही पूरे राज्य में नदियों के किनारे भी लगभग 134 किमी लंबे क्षेत्र में पेड़़ लगाये जाएंगे.झारखंड में 110 वर्ग किमी वन क्षेत्र बढ़ा है
अपर मुख्य मुख्य वन संरक्षक, कैम्पा संजीव कुमार ने कहा कि वन का महत्व सभ्यता की शुरुआत से है.आज वन का महत्व अस्तित्व से जुड़ गया है. वर्तमान में जलवायु परिवर्तन की समस्या से वन का महत्व और अधिक बढ़ गया है . हमें वन के विकास एवं संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत है. वन विभाग लगातार इस ओर प्रयासरत है. इसी का नतीजा है कि वर्ष 2021 की 17वें रिपोर्ट में झारखंड में 110 वर्ग किमी वन क्षेत्र बढ़ा है. उन्होंने कहा कि झारखंड देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां पिछले 2 वर्ष में 2 प्रतिशत वन की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि वन विभाग वन की वृद्धि, जल का संरक्षण एवं वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए वन पर आधारित जीविका के लिए प्रयत्नशील है. उन्होंने कहा कि कल वॉटर डे भी मनाया जाएगा.चित्रकला के माध्यम से लोगों को जागरूक करें
ऑल इंडिया स्प्रिंग आर्ट कैंप प्रकृति में देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चों एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा तीन दिनों तक वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विषय पर चित्र बनाकर प्रदर्शित किया जा रहा है. चित्रकार अपनी चित्रकला के माध्यम से लोगों को वनों के संरक्षण हेतु जागरूक करने का काम कर रहे हैं. देश के कोने -कोने से चित्रकार आए हैं और अपनी चित्रकारी के जरिए समाज को प्रकृति को संरक्षित करने का संदेश दे रहे हैं. यह त्रिदिवसीय कार्यक्रम दिनांक 20 मार्च से 22 मार्च तक पलाश सभागार, वन भवन, डोरंडा, रांची में आयोजित है. इस अवसर पर वन विभाग के पदाधिकारीगण, विभिन्न राज्यों से आये कलाकार, विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों से आये विद्यार्थी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – जेपी">https://lagatar.in/prisoners-who-have-completed-their-sentence-in-jp-jail-have-not-been-released-case-echoed-in-zero-hour/">जेपीकारा में सजा पूरा कर चुके बंदियों की नहीं हुई है रिहाई, शून्यकाल में गूंजा मामला [wpse_comments_template]

Leave a Comment