अंतिम दिन 32 प्रत्याशियों ने किया नामांकन Ranchi : लोकसभा चुनाव के सातवें चरण (1 जून) में झारखंड के राजमहल, गोड्डा और दुमका तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव होना है. सातवें चरण के लिए नामांकन का आज अंतिम दिन था. नामांकन के अंतिम दिन 32 प्रत्याशियों ने नामांकन किया. इनमें राजमहल से 7, दुमका से 12 और गोड्डा से 13 प्रत्याशी शामिल हैं. सातवें चरण में तीनों लोकसभा सीटों पर कुल 64 प्रत्याशियों ने नॉमिनेशन फॉर्म जमा किया है. इनमें राजमहल से 17, दुमका से 22 और गोड्डा से 29 प्रत्याशी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी. के रवि कुमार ने कहा कि 15 मई को स्क्रुटनी और 17 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि है. इसके बाद ही प्रत्याशियों की संख्या साफ हो पायेगी.
सभी ईवीएम सुरक्षित स्ट्रांग रूम पहुंची, की गयी सील : के. रवि कुमार
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि झारखंड के पहले चरण के मतदान के बाद सभी ईवीएम स्ट्रांग रूम पहुंच गयी. इसके बाद ईवीएम को सील कर दी गयी. मतदान से लेकर ईवीएम के स्ट्रांग रूम पहुंचने तक किसी भी प्रकार की घटना-दुर्घटना नहीं हुई. उन्होंने बताया कि चौथे चरण के मतदान प्रतिशत की फाइनल रिपोर्ट डिजिटल स्वरूप में अपडेट हो रही है. आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 1 अरब, 16 करोड़, 47 लाख की अवैध सामग्री और नकदी की जब्ती की गयी है. व्यापक तैयारियों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव शांतिपूर्ण रहा : एवी होमकर
झारखंड पुलिस के नोडल पदाधिकारी एवी होमकर ने बताया कि व्यापक तैयारियों के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी चुनाव शांतिपूर्ण रहा. चौथे चरण का चुनाव पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने बताया कि चौथे चरण के चुनाव से जुड़े 9 जिले घोर उग्रवाद प्रभावित थे. इनमें से 1376 मतदान केंद्र नक्सल गतिविधियों से जुड़े थे. यह एक चुनौती थी. इससे निबटने के लिए चुनाव के पूर्व से ही व्यापक तैयारी की गयी थी. 24 स्थानों पर पहली बार मतदाताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से मतदान में लिया हिस्सा
उन्होंने बताया कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ), राज्य पुलिस, कोबरा और जगुआर के जवानों ने लगातार इलाके में गश्त लगाकर उग्रवादियों के मूवमेंट को बाधित किया. राज्य स्तर पर इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी. चौथे चरण के चुनाव से जुड़े पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार की पुलिस के साथ समन्वय बना कर काम किया गया. 35 इंटरस्टेट चेकपोस्ट बनाये गये थे. 85 जगह बार्डर को सील किया गया था. जिसकी वजह से 24 स्थानों पर मतदाता पहली बार अपने निवास स्थान के पास शांतिपूर्ण ढंग से मतदान में हिस्सा ले पाये. इन 24 स्थानों में गुमला के 13, गढ़वा का 1, चाईबासा के 8 और सिमडेगा के 2 मतदान केंद्र शामिल थे. उन्होंने कहा कि चुनौती के बीच यह पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी सफलता है. कई जगह पहली बार मतदान होना भी उत्साहपूर्ण रहा. चौथे चरण के मतदान के दौरान कुल 12 मामले दर्ज हुए हैं. इनमें आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के 10 और मामूली झड़प के 2 मामले शामिल हैं. [wpse_comments_template]
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