Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं. भाजपा द्वारा विधायक दल का नेता नहीं चुने जाने के कारण मुख्य सूचना आयुक्त समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति नहीं हो पा रही है. इस मामले में सीपी सिंह और बाबूलाल मरांडी के नाम सबसे आगे हैं. सीपी सिंह को विधायक निधि अनुश्रवण समिति का सभापति मनोनीत किया जा चुका है. वहीं दूसरी तरफ बाबूलाल मरांडी को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो उनको कोई जगह देनी होगी.
झारखंड : न नेता प्रतिपक्ष , न मुख्य सचेतक, अब तक सस्पेंस बरकरार
Last Updated: Feb 13, 2025 12:00 AM (IST)