Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

बकोरिया मुठभेड़ः CBI ने स्वास्थ्य विभाग से मांगी मारे गए सभी 12 लोगों के विसरा रिपोर्ट

Advertisement
Advertisement
Ranchi: पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में 8 जून 2015 को हुई कथित पुलिस नक्सली मुठभेड़ की जांच सीबीआई कर रही है. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने पलामू स्वास्थ विभाग से कथित मुठभेड़ में मारे गए 12 लोगों का विसरा रिपोर्ट मांगा है. सीबीआई द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद स्वास्थ विभाग ने विसरा और उससे जुड़ी रिपोर्ट को खोजना शुरू कर दिया है.

कई बड़े अधिकारियों का बयान दर्ज कर चुकी है सीबीआई

बकोरिया मुठभेड़ की जांच कर रही सीबीआई ने कई बड़े अधिकारियों का बयान दर्ज कर चुकी है. इस मामले में सीबीआई ने तत्कालीन डीजीपी डीके पांडेय, तत्कालीन आईजी आईजी ए नटराजन, तत्कालीन डीआईजी, एसपी, सीआरपीएफ डीआईजी, कमांडेंट, थानेदार समेत कई अधिकारियों से सीबीआई की टीम पूछताछ कर चुकी है. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-charges-framed-against-25-including-former-nirsa-mla-arup-chatterjee/">धनबाद

: निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी समेत 25 के खिलाफ आरोप तय

सीबीआई कर रही है मामले की जांच

कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गये 12 लोगों को पुलिस ने माओवादी बताया था और अपनी पीठ थपथपा ली थी. शर्मनाक यह रहा कि पुलिस ने इस मुठभेड़ के बदले इनाम भी बांटे. लेकिन कुछ ही दिनों में यह मुठभेड़ सवालों के घेरे में आ गया. तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और डीजीपी डीके पांडेय पर फर्जी एनकाउंटर कराने का आरोप लगने लगा. काफी हो-हंगामे के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गयी. लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी मुठभेड़ में मारे गये लोगों के परिजनों को इंसाफ नहीं मिल पाया है. पुलिसिया जांच में यह बात सामने आयी थी कि इन 12 लोगों में से सिर्फ डॉ आरके उर्फ अनुराग के अलावा किसी का कोई नक्सल रिकॉर्ड नहीं था.

झारखंड हाइकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दर्ज की थी प्राथमिकी

पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में आठ जून 2015 को हुई कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के मामले में सीबीआई दिल्ली ने प्राथमिकी दर्ज की थी. यह प्राथमिकी झारखंड हाइकोर्ट के 22 अक्टूबर 2018 को दिए आदेश पर दर्ज की गयी थी. इस घटना में पुलिस ने 12 लोगों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था. मृतकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए हाइकोर्ट में सीआईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. सीबीआई ने पलामू के सदर थाना कांड संख्या 349/2015, दिनांक 09 जून 2015 के केस को टेकओवर करते हुए प्राथमिकी दर्ज किया था. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-government-aims-to-generate-4000-mw-of-solar-power-by-2026-1000-solar-villages-will-be-built/">झारखंड

सरकार का 2026 तक 4000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य, बनेंगे 1000 सोलर विलेज

सात साल होने को है फिर भी बकोरिया कांड की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है

पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में 8 जून 2015 को यह घटना हुई. कथित पुलिस नक्सली मुठभेड़ के सात साल पूरे होने को हैं, लेकिन बकोरिया कांड की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है. कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 12 लोगों के परिजनों को अबतक इंसाफ नहीं मिल सका है. सीबीआई की टीम अभी साक्ष्य संकलन में ही जुटी है. ढाई साल से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी CBI ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है. [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही