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Jharkhand News : खनिज उत्पादन व राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि, 10 वर्षों में मिले 95 हजार करोड़ में 61% हिस्सा कोयले का

खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड ने पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. वर्ष 2025-26 में राज्य ने 18,844.37 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक खनन राजस्व अर्जित किया. जबकि 2022-23 ऐसा वर्ष रहा, जब खनन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह कर इतिहास रचा.
 
  • खनन क्षेत्र में झारखंड का दमदार प्रदर्शन
  • 10 वर्षों में 95 हजार करोड़ का राजस्व
  • 12 वर्षों में 59% बढ़ा खनिज उत्पाद
  • राजस्व में कोयले की 61% हिस्सेदारी


Ranchi :  खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड ने पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. वर्ष 2025-26 में राज्य ने 18,844.37 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक खनन राजस्व अर्जित किया. जबकि 2022-23 ऐसा वर्ष रहा, जब खनन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह कर इतिहास रचा.

 

पिछले 10 वर्षों में राज्य को कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और अन्य खनिजों से कुल 95 हजार करोड़ रुपये की आय हुई है. वहीं, पिछले 12 वर्षों में खनिज उत्पादन 135.60 मिलियन टन से बढ़कर 215.90 मिलियन टन तक पहुंच गया है.

 

आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में उत्पादन और राजस्व दोनों में लगातार वृद्धि हुई है. लेकिन अधिकांश वर्षों में विभाग निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल करने में पीछे रहा. ऐसे में बढ़ते उत्पादन के बावजूद लक्ष्य और उपलब्धि के बीच का अंतर यह संकेत देता है कि राज्य की खनन नीति और राजस्व प्रबंधन में और सुधार की आवश्यकता है. 

कोयला बना राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़, लौह अयस्क ने भी बढ़ाया खजाना

देश के सबसे खनिज समृद्ध राज्यों में शामिल झारखंड ने पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और चूना पत्थर जैसे प्रमुख खनिजों के उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है. इसका सीधा असर राज्य के राजस्व पर भी पड़ा और पिछले 10 वर्षों में सरकार को खनन क्षेत्र से लगभग 95 हजार करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई.

 

पिछले 10 वर्षों में राज्य को प्राप्त कुल 95,000 करोड़ रुपये के खनन राजस्व में सबसे बड़ा योगदान कोयले का रहा है. कुल राजस्व का लगभग 61 प्रतिशत हिस्सा केवल कोयले से प्राप्त हुआ. इसका प्रमुख कारण राज्य में मौजूद विशाल कोयला भंडार और कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों की सक्रिय खनन गतिविधियां हैं. 

 

दूसरी ओर लौह अयस्क का योगदान लगभग 26 प्रतिशत रहा. जबकि बॉक्साइट और अन्य खनिजों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम रही.

 

खनिजवार राजस्व (पिछले 10 वर्ष)

खनिज राजस्व (करोड़ रुपये)
कोयला  58,111.35
लौह अयस्क   24,956.79
बॉक्साइट 2,334.53
चूना पत्थर एवं अन्य खनिज  9,952.03
कुल 95,000

   
12 वर्षों में रिकॉर्ड उत्पादन, 80 मिलियन टन से अधिक की बढ़ोतरी

खनिज उत्पादन के आंकड़े झारखंड के खनन क्षेत्र की तेज प्रगति को दर्शाते हैं. वर्ष 2014-15 में राज्य का कुल खनिज उत्पादन 135.60 मिलियन टन था, जो वर्ष 2025-26 (प्रावधिक) में बढ़कर 215.90 मिलियन टन हो गया. यानी 12 वर्षों में लगभग 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. 

 

प्रमुख खनिजों का उत्पादन

खनिज   साल 2014-15 साल 2025-26 (प्रावधिक)
कोयला 113.20 MT 168.00 MT
लौह अयस्क 18.45 MT 39.50 MT
बॉक्साइट   2.10 MT 4.45 MT
चूना पत्थर 1.85 MT 3.95 MT

    

उत्पादन के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि झारखंड ने खनिज क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है.  विशेष रूप से कोयला और लौह अयस्क के उत्पादन में हुई वृद्धि ने राज्य के राजस्व संग्रह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

    

 

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