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हो सकता है केंद्रीय नेतृत्व के दबाव में ECI एक पक्षीय फैसला लें, कोर्ट के निर्णयों से जेएमएम आश्वस्त, सीएम का भी पक्ष सुना जायेगा

  • विधायक सुदिव्य कुमार ने कहा- सेक्शन 9 A में नहीं आता माइनिंग लीज का मामला, भ्रम फैला रही भाजपा
  • नहीं लिया गया अबतक माइंस से कोई लाभ, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग ऑथरिटी ऑफ झारखंड (ओफाज) में हुए एक भ्रष्टाचार का दिया संकेत
Ranchi  :  प्रदेश में विगत कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक स्थिति को झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केवल भ्रम की स्थिति बताया है. गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार ने कहा कि विगत दिनों प्रदेश भाजपा नेताओं ने एक कॉन्सपिरेसी के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के माइंस लीज मामले को धारा 9 A  के तहत दंडनीय अपराध बताया है. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 1964 से लेकर 2006 के तहत अपने निर्णयों में स्पष्ट कहा है कि धारा 9 A में माइनिंग लीज का मामला नहीं आता. दिल्ली हाईकोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि किसी तरह का फैसला देने से पहले भारत निर्वाचन आयोग को पीड़ित पक्ष की बातों को सुनना पड़ेगा. ऐसे में पार्टी आश्वास्त है कि सीएम हेमंत सोरेन के पक्ष को भी सुना जाएगा. उन्होंने कहा कि जिस तरह आज संवैधानिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है, उससे हो सकता है कि केंद्रीय नेतृत्व के दबाव में आयोग एक पक्षीय फैसला लें. इसे भी पढ़ें - धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-bjp-gheraoed-the-municipal-corporation-on-the-issue-of-electricity-and-water/">धनबाद

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 सीएम का माइंस लीज का मामला लाभ का पद नहीं बनता

सुदिव्य कुमार ने कहा कि 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि हर हालत में ऐसे मामले में पीटिशनर की बातों को सुना जाना चाहिए. कैलाश गहलोत V/S  इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया में यह निर्णय दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि 1 एकड़ से कम (सीएम का माइंस लीज 80 डिसमिल है) माइंस होने के कारण इसका निष्पादन उपायुक्त द्वारा किया गया था. यानी जो भ्रम फैलाया जा रहा है कि खनन मंत्री रहते मुख्यमंत्री ने खनन अपने नाम किया, वह गलत है. माइंस में अभी तक कोई खनन नहीं हुआ है. यहां तक बिजली नहीं पहुंची है. कोई जीएसटी नहीं लिया है. ऐसे में लाभ का कोई मामला ही नहीं बनता है. सुदिव्य कुमार ने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जब किसी बात को छुपाता है, मामला तभी अपराध का बनता है. लेकिन माइंस लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट तौर पर अपने चुनावी एफिडेविट में जिक्र किया कि उनके नाम पर एक माइंस है. फिलहाल यह रिन्यूवल के लिए पेडिंग है. इसे भी पढ़ें - चेशायर">https://lagatar.in/jharkhand-news-builders-vulture-eyes-on-5-acres-of-land-of-cheshire-home-road-preparing-to-sell-fake-paper/">चेशायर

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 रघुवर दास और बाबूलाल मरांडी पर भी जमकर बोले जेएमएम विधायक

जेएमएम विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान हुए मैनहर्ट, टॉपी बिस्कुट जांच एजेंसियों के समक्ष मामला विचाराधीन है. इस दौरान सुदिव्य कुमार ने ऑर्गेनिक फॉर्मिंग ऑथरिटी ऑफ झारखंड (ओफाज) में घोटाले का भी जिक्र किया. वहीं, बाबूलाल मरांडी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके मुंह से राजनीतिक नैतिकता का बयान अच्छा नहीं लगता है. जेवीएम नेता रहते हुए उन्होंने भाजपा के खिलाफ क्या-क्या नहीं बोला. सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि 25 विधायक वाले भाजपा कभी भी यह तय नहीं कर सकती कि सरकार किस पार्टी या किस गठबंधन का होगा. इसे भी पढ़ें - Orgasm">https://lagatar.in/it-is-meaningless-open-chapter-orgasm-those-who-keep-themselves-covered-even-when-they-killing/">Orgasm

का chapter उनके सामने खोलना बेमानी है, जो खुद को उस वक्त भी cover रखते हैं, जब कत्ल कर रहे होते हैं [wpse_comments_template]

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