Ranchi : झारखंड में हथियार रखने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. यह कुछ लोगों के लिए जरूरत है, तो कुछ लोगों को लिए सिर्फ शौक व स्टेटस सिंबल. पूरे राज्य में करीब 20 हजार लोग ऐसे हैं, जिन्होंने हथियार का लाइसेंस ले रखा है. इसे लेकर विशेषज्ञ चिंता भी जाहिर कर रहे हैं. क्योंकि झारखंड में पुलिसकर्मियों की संख्या करीब 55 हजार है. पुलिस की संख्या की तूलना में करीब 40 प्रतिशत लोगों के पास लाइसेंसी हथियार हैं.
सुरक्षा के मद्देनजर जरूरत या शौक व स्टेटस सिंबल की बात करें तो कई ऐसे उदाहरण हैं जहां एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों ने हथियार के लाइसेंस ले रखें हैं. रांची, पलामू, गढ़वा, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और जमशेदपुर समेत सभी जिलों में ऐसे लाइसेंसीधारी भी हैं, जिन पर आपराधिक मुकदमें चल रहे हैं. कुछ पर तो हत्या के मुकदमें भी दर्ज हैं. कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने हथियार के लाइसेंस हासिल कर लिया है, जो गलत धंधों में शामिल हैं.
जानकारी के मुताबिक एक हथियार का लाइसेंस लेने से लेकर हथियार खरीदने तक पर 5 से 10 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं. जिस कारण कई बार पुलिस वेरिफिकेशन व प्रशासनिक वेरिफिकेशन में भी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है.
जिन लोगों के पास हथियार व उसका लाइसेंस हैं, उनमें से कई गलत कार्य में लिप्त हैं. लेकिन प्रशासन शायद ही कभी किसी के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करती है. जबकि हथियारों का दुरुपयोग व खुलेआम प्रदर्शन करने के कई मामले सार्वजनिक होते रहते हैं.
कई एसे मामले भी सामने आये हैं, जिनमें शादी-ब्याह और समारोहों में हर्ष फायरिंग की जाती है. कुछ घटनाओं में कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भी गोली भी लगती है. लेकिन अधिकांश मामलों को छिपा दिया जाता है. कम मामले की सामने आ पाते हैं.
इसके अलावा रांची, हजारीबाग, जमशेदपुर, पलामू और गढ़वा जैसे जिलों में जमीन कब्जा करने वाले कई लोग लाइसेंसी हथियार लहराते हैं. दबंग लोग हथियार के बल पर कमजोर वर्गों पर दबाव बनाकर अवैध कब्जे की कोशिश करते हैं.
क्या कहते हैं जानकार
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लाइसेंस प्रक्रिया को सख्त नहीं किया गया और एक बार लाइसेंस देने के बाद समय-समय पर उस व्यक्ति के बारे में जांच करने की कार्रवाई ईमानदारी से नहीं की गयी, तो भविष्य में यह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है. नियमित समीक्षा, सत्यापन और दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई करने की जरुरत है.
झारखंड में कहां-कहां हुआ हथियार का दुरुपयोग?
12 जून 2024 : रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब एक व्यक्ति ने अपने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी. गोली लगने से उसका ही रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गया.
05 नवंबर 2023 : धनबाद के एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान एक युवक गोली लगने से घायल हो गया. बताया गया कि बारात के दौरान लाइसेंसी बंदूक से लगातार फायरिंग की जा रही थी. इसी दौरान एक गोली युवक के पैर में लग गई. आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया.
2025 : पलामू जिले में जमीन कब्जे को लेकर दबंगों ने लाइसेंसी हथियार का खुलेआम इस्तेमाल किया. आरोप है कि कुछ लोगों ने राइफल लहराकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की. विरोध करने पर एक ग्रामीण को गोली मार दी गई.घायल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.
22 अगस्त 2024 : जमशेदपुर के एक इलाके में घरेलू विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी. महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
03 मार्च 2024 : हजारीबाग में एक शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में एक 10 वर्षीय बच्चा घायल हो गया. समारोह के दौरान लाइसेंसी बंदूक से चलाई गई गोली छत से टकराकर नीचे आ गिरी. इससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
14 जुलाई 2023 : बोकारो में व्यवसायिक विवाद के दौरान लाइसेंसी हथियार से फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई. दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था. बहस के दौरान आरोपी ने पिस्टल निकालकर गोली चला दी.घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
09 सितंबर 2024 : गिरिडीह में पंचायत स्तर के विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने लाइसेंसी हथियार से फायरिंग कर दी. बैठक के दौरान अचानक गोली चलने से एक व्यक्ति घायल हो गया. मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
07 फरवरी 2024 : गढ़वा जिले में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी. गोली लगने से उसका चचेरा भाई घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई. घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया. जांच में सामने आया कि जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था. हथियार को जब्त कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
19 अप्रैल 2024 : चतरा में एक शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग भारी पड़ गई. लाइसेंसी राइफल से चलाई गई गोली एक युवक को लग गई.युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल भेजा गया.
28 दिसंबर 2023 : लातेहार में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प के दौरान लाइसेंसी हथियार से गोलीबारी की गई. गोली लगने से एक व्यक्ति घायल हो गया. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.
02 जनवरी 2025 : साहिबगंज में जमीन कब्जे को लेकर दबंगों ने लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया. विरोध करने पर एक व्यक्ति को गोली मार दी गई. घायल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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