से 10वीं JPSC के रिवाइज्ड रिजल्ट के खिलाफ दायर याचिका पर HC ने JPSC से मांगा जवाब [caption id="attachment_288153" align="aligncenter" width="720"]
alt="" width="720" height="332" /> रामनवमी पर हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल का बैनर-पोस्टर[/caption]
रामनवमी जुलूस को लेकर सांसद-विधायक का अलग-अलग था बयान
चर्चा है कि कई वजहों से सांसद और विधायक में मतभेद हैं, लेकिन रामनवमी जुलूस को लेकर दोनों नेताओं का मतभेद खुलकर सामने आया है. दरअसल, जब राज्य सरकार ने रामनवमी का जुलूस निकालने की अनुमति दी तब जयंत सिन्हा ने इसका स्वागत किया था. उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए पत्र भी लिखा और कहा कि इस साल उत्साह और भव्यवता से रामनवमी मनाई जाएगी. उधर विधायक मनीष जायसवाल ने जुलूस को लेकर सरकार की ओर से जारी किये गये निर्देशों का कड़ा विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि रामनवमी जुलूस में परंपरागत तरीके से गाजे-बाजे, ढोल-ताशे के साथ जुलूस 48 घंटे तक सड़क पर रहती है. सरकार की ओर से शाम 6 बजे के बाद जुलूस और डीजे पर रोक लगाया जाना परंपरा को खत्म करने जैसा है.5 दिन बाद सांसद ने बयान से लिया था यूटर्न
रामनवमी जुलूस को लेकर एक ही पार्टी के सांसद और विधायक के बयान में मतभेद होने से जनता के बीच गलत संदेश जाने से विधायक नाराज थे. मुख्यमंत्री के धन्यवाद देने के 5 दिन बाद जयंत सिन्हा ने भी यू टर्न ले लिया और सोशल मीडिया के जरिये सरकार के बनाए नियम को तर्कहीन बताया. हालांकि इसके बाद भी दोनों नेताओं के बीच की दूरी कम नहीं हुई और अपने-अपने रामनवमी पोस्टर में एक-दूसरे को दरकिनार कर दिया. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-advocates-association-election-date-announced-know-when-will-be-the-nomination-when-will-the-voting-take-place/">झारखंडएडवोकेट एसोसिएशन चुनाव की तारीख का एलान, जानिए कब होगा नामांकन, कब होगी वोटिंग [wpse_comments_template]

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