alt="" width="955" height="1600" /> हाईकोर्ट का ऑर्डर[/caption] 22 अप्रैल को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान क्या आदेश पारित हुआ है, यह इस ऑर्डर में स्पष्ट लिखा हुआ है. अदालत द्वारा जारी आदेश में इस बात का उल्लेख नहीं है कि ED यानी प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर हेमंत सोरेन और उनके पारिवारिक सदस्यों की कंपनियों की जांच कर जवाब दाखिल करना है.
पढ़ें क्या है हाईकोर्ट का आदेश
- हाईकोर्ट के आदेश में कहा गया है कि रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी को पार्टी बनाया गया है. अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित होने वाले अधिवक्ता (ASGI) को यह निर्देश दिया है कि वह रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनी से याचिका में लगे आरोपों की जानकारी लें.
- झारखंड सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में भी ऐसी ही एक जनहित याचिका झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी. वह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था. उस मामले में अदालत ने प्रार्थी पर जुर्माना लगाते हुए जनहित याचिका खारिज कर दी थी.
- अदालत अब इस मामले की सुनवाई 13 मई को करेगी. अगली सुनवाई तक कोर्ट ने WP (PIL) नंबर 4218/2013 के दस्तावेज भी मांगे हैं.
की न्यूज डायरी।।29 अप्रैल।। पर्यटन विभाग के साथ धोखाधड़ी।चेशायर रोड की भूमि पर बिल्डर की नजर। दिल्ली पुलिस चीफ राकेश अस्थाना फिर सुर्खियों में। 2 मई तक उत्तर व मध्य में चलेगी भीषण लू। बिहार के अलावा कई वीडियो।। [wpse_comments_template]

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