- निर्वाचन आयोग के सचिव से मिलकर बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
- पदस्थापन प्रक्रिया में शामिल लोगों पर दर्ज हो आचार संहिता उल्लंघन का केस
पूर्व सांसद नवल किशोर राय के निधन पर शोक, सीएम नीतीश ने दी श्रद्धांजलि, साझा की यादें प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि झारखंड में पंचायत चुनाव की घोषणा 9 अप्रैल, 2022 को हुई थी. उसके बाद तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू है. 15 अप्रैल 2022 को (प्रथम चरण के नामांकन से एक दिन पहले) झारखंड सरकार ने 32 प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) का तबादला-पदस्थापन कर दिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी का तबादला राज्य सरकार का विशेषाधिकार है. परंतु चुनाव प्रक्रिया के बीच इतनी बड़ी संख्या में प्रखंड विकास पदाधिकारियों का तबादला करना न सिर्फ आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, बल्कि राज्य में मतदाताओं के बीच विशेष उम्मीदवारों को जीताने हेतु किया गया प्रयास है. दीपक प्रकाश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर किये गए इस ट्रांसफर-पोस्टिंग से राज्य निर्वाचन आयोग की छवि धूमिल हुई है. साथ ही साथ निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग भी हुआ है. आज इन सारे सवालों का जवाब झारखंड की जनता खोज रही है. निर्वाचन आयोग को मोहरा बनाकर सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है. प्रतिनिधिमंडल ने पदाधिकारियों के तबादला-पदस्थापन को रद्द करने की मांग की है. साथ ही पदस्थापन प्रक्रिया में जो शामिल हैं, उनपर आदर्श चुनाव आचार संहिता का मामला दर्ज करने की भी मांग की है. इसे भी पढ़ें-चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-its-absolutely-wrong-to-deny-khatiani-indigenous-people-from-applying-in-the-state-babulal-marandi/">चाईबासा
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