Ranchi : झारखंड में सक्रिय संगठित अपराध गिरोह झांगुर ग्रुप के प्रमुख और पांच लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी रामदेव उरांव ने शनिवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. उसके साथ संगठन के दो सक्रिय सदस्य प्रसाद उरांव और सुबास उरांव ने भी हथियार के साथ सरेंडर किया. रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम के सामने तीनों ने मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जताते हुए आत्मसमर्पण किया.
वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप का प्रमुख रामदेव उरांव अपने साथियों के साथ रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में घूम रहा है और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण की तैयारी में है.
सूचना मिलते ही एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार की अगुवाई में टीम गठित की गई. उधर, गुमला पुलिस ने भी सूचना के आधार पर अपनी टीम सक्रिय कर सीमा क्षेत्र में अभियान शुरू किया.
बताया गया कि दोनों जिलों की पुलिस टीम जब रांची-गुमला सीमा पर पहुंची तो तीनों अपराधियों ने खुद को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताते हुए झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर हथियार के साथ सरेंडर कर दिया. पुलिस ने इनके पास से एक स्वचालित हथियार, एक एसएलआर रायफल, दो मैगजीन और 45 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
पुलिस के मुताबिक रामदेव उरांव गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के देवरागानी गांव का रहने वाला है और लंबे समय से सक्रिय था. उसके खिलाफ गुमला समेत कई थानों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और आपराधिक साजिश समेत करीब 29 मामले दर्ज हैं.
वहीं, उसके साथ आत्मसमर्पण करने वाले प्रसाद उरांव और सुबास उरांव भी संगठन के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों ने इसे बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय अपराधी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
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