- पहले खुद लगाना होगा पैसा, शर्तों को पूरा करने के बाद ही मिलेगी राशि
इन मदों में करना होगा खर्च
- आरडीएसएस स्कीम के तहत सभी शहरों में स्मार्ट मीटिरिंग के कार्य होंगे. इसके लिए कुल 858.02 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की गयी है.
- आरडीएसएस स्कीम के तहत लॉस को कम करने के लिए कई कार्य होंगे. इसके लिए कुल 3262.27 करोड़ मंजूर किए गये हैं.
इन शर्तों को करनी होगी पूरी, तभी मिलेगी राशि
- एटीएंडसी लॉस जिसे 2021 में 41.36 प्रतिशत दिखाया गया है, उसे हर वर्ष घटाना है. वित्तीय वर्ष 22 में इसे घटाकर 36, साल 2023 में घटाकर 24 और 2025 तक इसे घटाकर 19 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य दिया गया है.
- इसी तरह रेवेन्यू गैप को कम करते हुए वर्ष 2025 तक जीरो प्रतिशत में ले आना है.
- ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे में बिजली आपूर्ति का लक्ष्य जो 2021 में 20.56 घंटे दिखाया गया है, उसे हर बढ़ाते हुए वर्ष 2025 तक 21.58 घंटे तक लाना है.
- इसी तरह शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे में बिजली आपूर्ति का लक्ष्य 22.32 घंटे दिखाया गया है, उसे बढ़ाते हुए 2025 तक 23.05 घंटे तक लाना है.
- सारे सरकारी अफसरों जिनका अभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर जीरो है, उसे 2025 तक शत प्रतिशत करना होगा. यानी कि 2025 तक सभी सरकारी अफसरों को प्री-पेड मीटर से लैस करना होगा.
- सब्सिडी मद की राशि 205 तक जीरो करना होगा.
- सरकारी बकाया राशि जिसे अभी 723.4 करोड़ रुपए दिखाया गया है, उसे 2025 तक जीरो करना होगा.
- एनर्जी एकाउंटिंग सिस्टम को 2025 तक शत-प्रतिशत करना होगा.
- पावर सप्लाई में इंटरप्सन जो अभी 528 एवरेज दिखाया गया है, उसे घटाकर 192 करना होगा.
- राज्य में कुल 2581 फीडर में केवल 338 फीडर का डाटा एवलेबिलिटी दिखाया गया है. इसे 2025 तक शत-प्रतिशत करना होगा. यानी की राज्य के सारे फीडर से आपूर्ति होने वाली बिजली का डाटा उपलब्ध होना चाहिए.
- डीटी (डिस्ट्रब्यूशन ट्रांसफरमर) मीटरिंग की स्थिति राज्य में बहुत खराब है. यह महज 55 प्रतिशत दिखाया गया है. जिसे 2025 तक शत-प्रतिशत करना होगा.
- फीडर मीटरिंग सिस्टम को 2025 तक शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य दिया गया है.
- सारे एलटी बिजली ओवर हेड तार, जिसे अभी 20 प्रतिशत दिखाया गया है, उसे 2025 तक शत-प्रतिशत करना है.
- स्काडा सिस्टम को 2025 तक पूरी तरह मजबूत कर लेना होगा.
- राज्य में डिजिटल प्यमेंट सिस्टम जो अभी मात्र 13.50 प्रतिशत दिखाया गया है, उसे 2025 तक 45 प्रतिशत करना होगा.
- राज्य के शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं को बिलिंग सिस्टम से 2025 तक दुरूस्त कर लेना है.
इन लक्ष्य को पूरा करने के लिए जेबीवीएनएल को करने होंगे ये कार्य
- अगर 2025 तक पीएफसी से जेबीवीएनएल को राशि चाहिए तो उपरोक्त सभी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई कार्य करने होंगे.
- एटीएंडसी लॉस को कम करने के लिए ट्रांसमिशन लाइन, 33 केवी और 11 केवी लाइन को दुरुस्त करना होगा. इनकी दूरी को कम करना होगा. यूजी केबल में 33 और 11 केवी लाइन को तब्दील करना होगा.
- एटीएंडसी लॉस को कम करने के लिए बिजली चोरी रोकनी होगी. इसके लिए सारे एलटी तार को कवर्ड तार में बदलना होगा.
- एटीएंडसी लॉस को कम करने के लिए फीडर से लेकर डिस्ट्रब्यूशन ट्रांसफारमर का एनर्जी एकाउंटिंग करने के लिए सबस्टेशन से लेकर डीटीआर तक कई सिस्टम लगाने होंगे.
- शत-प्रतिशत बिलिंग के लिए सभी उपभोक्ताओं को मीटर से जोड़ना होगा.
- नए सबस्टेशन निर्माण, ट्रासंफारमर की क्षमता कंज्यूमरों के अनुसार बढ़ाना होगा. यानी भारी संख्या में ट्रांसफारमर लगाने होंगे.
- रांची सहित पूरे राज्य में यहां तक की सरकारी अफसरों को स्मार्ट मीटर से जोड़ना होगा.
व 2017 में कांग्रेस के विपक्ष में रहते भी राष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग नहीं, 2022 में तो इतिहास ही रच डाला [wpse_comments_template]

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