Ranchi : झारखंड पुलिस मुख्यालय ने गृह निर्माण अग्रिम (हाउस बिल्डिंग एडवांस) और मोटर कार अग्रिम (कार लोन) से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण और बेहतर समन्वय के लिए सभी जिलों व पुलिस इकाइयों में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के एक-एक समन्वयक पदाधिकारी नामित करने का निर्देश दिया है.
इस संबंध में पुलिस उप-महानिरीक्षक (बजट), झारखंड की ओर से सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों (जोनल आईजी), डीआईजी, वरीय पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) , पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और विभिन्न पुलिस इकाइयों के समादेष्टाओं को पत्र जारी किया गया है.
जारी आदेश में कहा गया है कि वित्त विभाग के नेपाल हाउस स्थित अग्रिम शाखा में गृह निर्माण अग्रिम और मोटर कार अग्रिम से जुड़ी संचिकाओं (फाइल्स) की स्थिति जानने के लिए विभिन्न कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से पहुंच रहे हैं. इससे अग्रिम शाखा के नियमित कार्यों के निष्पादन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है.
इसको देखते हुए वित्त विभाग ने अनुरोध किया है कि भविष्य में संबंधित मामलों में कार्यालय की ओर से विधिवत पत्राचार किया जाए या फिर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के एक अधिकारी को समन्वयक पदाधिकारी नामित किया जाए. वहीं अधिकारी गृह विभाग, विधि विभाग और वित्त विभाग की अग्रिम शाखा से समन्वय स्थापित कर संबंधित संचिकाओं (फाइलों) की अद्यतन स्थिति प्राप्त करेंगे.
पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देश दिया है कि नामित समन्वयक पदाधिकारी का नाम, पदनाम, पदस्थापन स्थल और मोबाइल नंबर यथाशीघ्र पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में गृह निर्माण अग्रिम और मोटर कार अग्रिम से संबंधित सभी मामलों में समन्वय और जानकारी का आदान-प्रदान केवल नामित समन्वयक पदाधिकारी के माध्यम से ही किया जाए.
इससे अनावश्यक आवाजाही कम होगी और लंबित मामलों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है.
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