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झारखंड पुलिस की रिपोर्ट में खुलासा : नये क्षेत्रों की तलाश में भाकपा माओवादी, पारसनाथ-जमुई कॉरिडोर पर फिर डाली नजर

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Ranchi : झारखंड पुलिस की रिपोर्ट में भाकपा माओवादियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, कोल्हान में सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किये गये अभियान के कारण सारंडा और ओडिशा सीमा की ओर माओवादियों की आवाजाही की आशंका बढ़ गयी है. अपने रणनीतिक मुख्यालयों और अपने गढ़ों में स्थित कैंपों के नष्ट होने के बाद अब वे नये क्षेत्रों की तलाश कर रहे हैं. इसी क्रम में भाकपा माओवादी अपने पुराने गढ़ पारसनाथ-जमुई कॉरिडोर को पुनर्जीवित करने की कोशिश लगे हुए हैं. (पढ़ें, मोदी">https://lagatar.in/modi-said-in-mann-ki-baat-the-world-acknowledged-indias-leadership-in-the-g20-summit/">मोदी

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चार राज्यों के बॉर्डर पर 39 पुलिस कैंप

सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत चार राज्यों के बॉर्डर पर 39 पुलिस कैंप बनाये गये हैं, जिनमें झारखंड-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर नौ, झारखंड-बिहार बॉर्डर पर चार, ट्राई जंक्शन पर 11, झारखंड-पश्चिम बंगाल बॉर्डर पर एक और झारखंड-ओडिशा बॉर्डर पर 14 कैंप बनाये गये हैं. इसे भी पढ़ें : Asian">https://lagatar.in/asian-games-2023-indian-mens-hockey-team-beats-uzbekistan-16-0/">Asian

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झारखंड-बिहार व ओडिशा बॉर्डर पर 46 बड़े नक्सली सक्रिय

झारखंड और ओडिशा बॉर्डर पर एक करोड़ के तीन इनामी नक्सली समेत 27 बड़े नक्सली सक्रिय हैं. इसमें मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी, असीम मंडल, चमन, संतोष, अजय महतो, अनमोल दा, बेला सरकार, रामप्रसाद मारड़ी, अमित मुंडा, गुलशन मुंडा, संतोष महतो, भवानी, मदन महतो, मेहनत, कांडे होगहांगा, जयंती, सालुका कायम, प्रभात मुंडा, रवि सिंह सरदार, नयनतारा, अमोज मोदक, सागेन अंगारिया, सुलेमान हांसदा, राहुल चंपिया, बबलू और गौरी शामिल हैं. इसके अलावा झारखंड-बिहार बॉर्डर पर प्रयाग मांझी, रघुनाथ हेंब्रम, प्रवेश, रणविजय महतो, अनुज महतो, मनोहर गंझू, नितेश यादव, साहेबराम मांझी, रामदयाल महतो, विवेक यादव, संजय यादव, सीताराम रजवार, बिरसेन गंझू, कुंवर मांझी, लक्ष्मण राय, पवन मांझी और बबलू राम सक्रिय हैं.

चार राज्यों ने एक-दूसरे से 815 खुफिया जानकारियां साझा की

झारखंड और सीमावर्ती राज्यों की पुलिस ने साल 2020 से लेकर 2023 के अगस्त माह तक एक-दूसरे से 815 खुफिया जानकारियां साझा की हैं. साल 2020 में 697, 2021 में सात, 2022 में 87 और 2023 में 24 खुफिया जानकारियां साझा की गयी. छत्तीसगढ़ की तुलना में बिहार पुलिस को 682 खुफिया जानकारियां बतायी गयी है. इसे भी पढ़ें : शरद">https://lagatar.in/sharad-pawar-again-met-industrialist-adani-bjp-took-a-dig-at-rahul-said-no-one-takes-him-seriously/">शरद

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