Ranchi : झारखंड कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और पार्टी नेतृत्व की तरफ से कार्रवाई के संकेत के बाद राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. उन्होंने झारखंड के घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को 200 रुपये की सब्सिडी देने पर विचार करने को कहा है. कांग्रेस के दिग्गज इसे पार्टी के बाद सरकार के लिए असहज बनाने के कदम के तौर पर देख रहे हैं.
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि राधाकृष्ण किशोर का मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र केवल आर्थिक सुझाव भर नहीं, बल्कि पार्टी और सरकार के भीतर उनकी अलग राजनीतिक लाइन का भी संकेत माना जा रहा है. क्योंकि भाजपा नेता और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मुद्दे को उठाया था. माना जा रहा है कि इसी के बाद वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा.
दरअसल, 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में राज्य के गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया था. यह गठबंधन सरकार के "सात वादे-पक्के इरादे" अभियान का हिस्सा था. राज्य में करीब 31 लाख गरीब परिवार इस योजना के दायरे में आते हैं.

आठ मई 2026 को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा गया पत्र.
अब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस वादे को लागू करने के लिए समाधान सुझाया है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में गैस सिलेंडर की वास्तविक कीमत करीब 970 रुपये है. ऐसे में यदि सरकार सीधे 450 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराती है, तो राज्य सरकार पर हर साल लगभग 1934 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.
वित्त मंत्री ने पत्र में सुझाव दिया है कि सरकार फिलहाल प्रत्येक सिलेंडर पर 200 रुपये की सीधी सब्सिडी दे. इससे गरीब परिवारों को सिलेंडर 770 रुपये में मिल सकेगा और सरकार पर सालाना बोझ घटकर करीब 744 करोड़ रुपया रह जाएगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है.
राधाकृष्ण किशोर का यह पत्र ऐसे समय आया है जब कांग्रेस के अंदर नेतृत्व और संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष लगातार खुलकर सामने आ रहा है. हाल के दिनों में उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था. योगेंद्र साव और रमा खलको के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने संगठन में अलग-अलग मापदंड अपनाने की बात कही थी. साथ ही 81 विधानसभा सीटों के लिए बनाई गई 314 सदस्यीय समिति की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए थे.
इसी बीच छह मई को बेरमो विधायक कुमार जयमंगल की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी सियासी हलचल बढ़ा दी. उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस में होना और कांग्रेसी होना अलग बात है. उनके इस बयान को पार्टी के भीतर वफादारी और विचारधारा की बहस से जोड़कर देखा गया. पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति अपनी निष्ठा भी जताई थी.
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