Ranchi : सरकार ने 17 जून को राज्य प्रशासनिक सेवा के 88 अधिकारियों का तबादला किया. तबादले की इस प्रक्रिया के दौरान कई विभागों के अधिकारों में कटौती कर दी गयी. इससे दूसरे विभागों में तबादले के लिए की गयी तैयारियां धरी की धरी रह गयीं.
कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग, राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का पैतृक विभाग है. राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए हर विभाग में पद सृजित है. इन पदों पर उन्हें पदस्थापित किया जाता रहा है. अब तक राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को दूसरे विभाग में पदस्थापित करने के लिए कार्मिक विभाग उनकी सेवा संबंधित विभाग को सौंपता रहा है.
जैसे, अगर राज्य सेवा के किसी अधिकारी को अंचल अधिकारी के पद पर पदस्थापित करना हो तो संबंधित अधिकारी की सेवा राजस्व एवं निबंधन विभाग को सौंप दी जाती थी. क्योंकि अंचल अधिकारी का सृजित पद राजस्व एवं निबंधन विभाग के अधीन है.
अधिकारियों की सेवा मिलने के बाद राजस्व एवं निबंधन विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को अंचल अधिकारी के पद पर पदस्थापित किया जाता रहा है. यही प्रक्रिया दूसरे विभागों के लिए भी अपनायी जाती रही है. जैसे कि किसी अधिकारी की सेवा मिलने के बाद नगर विकास विभाग द्वारा उन्हें शहरी स्थानी निकायों में पदस्थापित किया जाता रहा है.
17 जून को हुए ताजा तबादले में कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सेवा दूसरे विभाग को सौपने के साथ ही उन्हें दूसरे विभाग में पदस्थापित करने का आदेश भी खुद ही जारी कर दिया है. कार्मिक विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सेवा ग्रामीण विकास को सौपने के साथ ही उन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर पदस्थापित भी कर दिया. इसी तरह खाद्य आपूर्ति विभाग को सेवा सौंपने के साथ-साथ SOR सहित अन्य पदों पर पदस्थापित कर दिया.
तबादले के मौसम में ग्रामीण विकास, राजस्व एवं निबंधन सहित अन्य विभागों में विभागीय स्तर से तबादले की तैयारी की जा रही थी. कुछ विभागों द्वारा इसके लिए सूची तैयार कर लिये जाने की भी चर्चा थी. साथ ही मनपसंद पदों के लिए अफसरों की भाग-दौड़ भी जारी थी. लेकिन सेवा सौंपने और दूसरे विभागों के सृजित पदों पर पदस्थापित करने का आदेश जारी होने का बाद विभागीय स्तर तबादले के लिए चल रही तैयारियां धरी की धरी रह गयीं.

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