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झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा ने राजभवन के समक्ष द‍िया धरना, जान‍िये क्‍या है इनकी मांग

Ranchi : झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के बैनर तले शन‍िवार को व‍िभ‍िन्‍न श‍िक्ष‍क संगठनों ने अपनी मांग को लेकर राजभवन के समक्ष एक द‍िवसीय सांकेत‍िक धरना द‍िया. धरना में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ झारखंड प्रदेश, झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ, झारखंड स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ- 2 के सदस्‍य शामि‍ल थे. राज्यभर से आए सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने प्रोमोशन, बायोमेट्रिक हटाने, गैर शैक्षणिक काम से बरी करने, सीमित परीक्षा फिर से लागू करने समेत कई मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की. सभी ने मांगों को पूरा करने की मांग की.

क्या है इनकी मुख्य मांगें

  • छठे वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप उत्क्रमित वेतनमान से संबंधित फिटमेंट टेबल के आधार पर 2006 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों का वेतन निर्धारण किया जाए.
  • शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ अब तक नहीं दिया गया, उसे जल्द से जल्द दिया .
  • शिक्षकों को किसी भी जिले में ट्रांसफर किया जा सके.
  • राज्य के शिक्षकों की सेवा शर्तों के अनुरूप वर्षों से प्रधानाध्यापक सहित सभी ग्रेडों में लंबित प्रोन्नति को जल्द से जल्द दूर किया जाए.
  • योजना मद में बहाल उर्दू शिक्षकों को गैर योजना मद में स्थानांतरित किया जाए.
  • नियमित स्थानांतरण के ल‍िए जोन का निर्धारण और स्थानांतरण पोर्टल में 2012 के पूर्व नियुक्त सभी प्रारंभिक शिक्षकों (कक्षा 1 से कक्षा 8 तक) का कॉलम नहीं रहने से शिक्षकों में भ्रम की स्थिति बन गयी है, जिसे तुरंत दूर किया जाए.
  • राज्य के माध्यमिक और प्लस-टू उच्च विद्यालय के शिक्षकों को लंबित वरीय वेतन और प्रवर वेतन को यथाशीघ्र दिया जाए.
  • शिक्षकों की सेवानिवृत्ति उम्र 60 से 62 वर्ष किया जाए.
  • नई शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2021 में सहायक आचार्य का ग्रेड पे 2400 और 2800 को 4200 और 4800 किया जाए.
  • राज्य के प्राथमिक विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, उत्क्रमित उच्च विद्यालय, उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय में पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक का पद सृजित किया जाए.
  • राज्य के प्राथमिक विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय एवं मध्य विद्यालयों में गैर शैक्षणिक कार्य बंद किया जाए.
  • राज्य के तृतीय वर्गीय कर्मचारियों के अनुरूप प्राथमिक शिक्षकों को पूर्व की भांति सीमित उप समाहर्ता प्रतियोगिता आदि परीक्षाओं में शामिल होने का मौका दिया जाए.
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