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झारखंड : गर्मी फुल, बत्ती गुल

  •  प्रदेश के विभिन्न जिलों में औसतन 10 घंटे तक हो रही बिजली कटौती
  • संथाल से कोयलांचल तक पड़ रही भीषण गर्मी
Kaushal Anand Ranchi : झारखंड में भीषण गर्मी के साथ ही बिजली संकट भी गहरा गया है. प्रदेश के विभिन्न जिलों में औसतन 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है. संथाल परगना से लेकर कोयलांचल तक की धरती आग उगलने लगी है. सबसे गर्म संथाल परगना के देवघर और गोड्डा जिले रहे. यहां का पारा 44 डिग्री के पार रहा. इतनी भीषण गर्मी में इन दिलों में नौ घंटे तक बिजली कटौती की गई. जमशेदपुर और डालटनगंज में पारा 43 डिग्री के पार रहा. वहीं, कोयलांचल के धनबाद और गिरिडीह में पारा 42 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया. इन जिलों में 10-10 घंटे तक बिजली गुल रही. बिजली कटौती की सबसे बड़ी वजह मांग के अनुरूप आपूर्ति न होना बताया जा रहा है. वहीं, कुछ जगहों पर लोकल फॉल्ट की वजह से भी बिजली गुल है. खुद राजधानी रांची में ही एक राजभवन सब स्टेशन के तहत पड़ते एक बड़े इलाके में 20 घंटे बिजली गुल रही. पांच दिन पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में बिजली विभाग को पैसे की चिंता किए बिना अतिरिक्त बिजली खरीदने के निर्देश दिए थे. पांच दिन बाद भी मांग के अनुरूप बिजली नहीं खरीदी जा सकी. नतीजतन प्रदेशवासियों को 10-10 घंटे तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है. अधिकारियों की मानें तो मांग के सापेक्ष लगभग 400 मेगावाट कम बिजली मिल रही है. इसके चलते बिजली संकट गहरा गया है.

ऐसे समझें बिजली का गणित

  • फरवरी-मार्च तक बिजली की खपत और आपूर्ति 2000 मेगावाट तक थी
  • अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गर्मी पीक पर होने के बाद डिमांड बढ़कर 2500 से 2700 मेगावाट के बीच पहुंच गई.
  • जेबीवीएनएल के पास फिलहाल बिजली की उपलब्धता 2200 से 2300 मेगावाट तक ही है.
  • जेबीवीएनएल को विंड पावर से करीब 150 मेगावाट मिलने वाली बिजली बंद हो गई है. सोलर एनर्जी से करीब 40 मेगावाट बिजली मिलनी भी बंद है. बाढ़ से मिलने वाली 80 मेगावाट तक बिजली भी नहीं मिल रही है.
  • इस कारण पूरे राज्य में 300 से 500 मेगावाट तक की बिजली कमी हर दिन दर्ज की जा रही है.
  • सीएम के निर्देश के बाद आनन-फानन में इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से बुकिंग और बिजली उपलब्धता की स्थिति में 150 से 300 मेगावाट तक बिजली ऊंची दर करीब 10 रुपये यूनिट तक खरीदी जा रही है.
  • अब भी 200 से 300 मेगावाट तक की कमी दर्ज की जा रही है.
  • रांची सहित पूरे राज्य के ग्रिडों को कम बिजली मिल रही है. इसकी वजह से औसतन 5 से 8-10 घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है.
  • बिजली कटौती सुबह से पूरी रात तक लगातार अंतराल में हो रही है.
  • अब सरकार सितंबर तक के लिए बिजली की मांग और खपत पर रिपोर्ट तैयार कर रही है ताकि मांग के अनुसार स्थायी तौर पर विभिन्न कंपनियों से पीपीए (पावर परचेज एग्रीमेंट) किया जा सके.

इन कंपनियों से होगा पीपीए

जेबीवीएनएल सितंबर तक मांग के अनुसार बिजली की कमी पूरी करने के लिए एनटीपीसी से 200, डीवीसी से 200, सेकी से 200 मेगावाट बिजली खरीद के लिए बिजली खरीद समझौता (पीपीए) करेगी. इसके लिए इन कंपनियों से बातचीत शुरू हो चुकी है.

यहां 20 घंटे से बिजली नहीं

राजधानी रांची के राजभवन सबस्टेशन के अधीन एक बड़े इलाके में बीते 20 घंटे से बिजली नहीं है. कांके-राजभवन 33 हजार लाइन ब्रेक डाउन के कारण सोमवार रात 12 बजे से बिजली गुल है.

किस जिले में कितनी कटौती

  •  रांची : 3 से 5 घंटे
  • गुमला : 3 से 8 घंटे
  •  लोहरदगा : 7 से 10 घंटे
  •  सिमडेगा : 5 से 8 घंटे
  •  खूंटी : 5 से 9 घंटे
  •  हजारीबाग : 2 से 7 घंटे
  •  पलामू प्रमंडल : 3 से 10 घंटे
  •  संथाल परगना : 2 से 9 घंटे
  •  धनबाद : 8 से 10 घंटे
  •  चास : 10 से 13 घंटे

मंगलवार को राज्य के प्रमुख शहरों का तापमान

शहर अधिकतम रांची            40.2 जमशेदपुर  43.6 डालटनगंज  43.7 बोकारो      41.2 चतरा      40.6 देवघर    44.4 गोड्डा      44.2 धनबाद  42.1 गिरीडीह 42.9

धनबाद और चास में इसलिए संकट

एरिया बिजली बोर्ड के धनबाद और चास सर्किल में मंगलवार को क्रमश: 10 और 13 घंटे तक बिजली गुल रही. बिजली विभाग के अधिकारी ग्रिड से पावर कम मिलने और लोडशेडिंग को इसकी प्रमुख वजह बता रहे हैं. उनका कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ी है लेकिन धनबाद व चास सर्किल को डीवीसी, कांड्रा ग्रिड और नेशनल ग्रिड से कम बिजली मिल रही है. जेबीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एसके कश्यप ने बताया कि रोटेशन के आधार पर जिले में सभी इलाकों को बिजली सप्लाई कराई जा रही है. इसे भी पढ़ें – कस्टम">https://lagatar.in/big-action-of-custom-department-two-smugglers-arrested-with-10-quintals-of-hemp/">कस्टम

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