Search

 
 
 

झारखंड : ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा अंधविश्वास, डायन-बिसाही के नाम पर हो रही हैं हत्याएं

 
Ranchi : डायन-बिसाही और अंधविश्वास में हत्या की घटनायें बढ़ रही हैं. जादू टोना, अंधविश्वास और डायन-बिसाही के शक में हत्या और प्रताड़ना के मामले थम नहीं रहे हैं. पिछले एक वर्ष के दौरान झारखंड में अंधविश्वास और जादू-टोना के शक में करीब 50 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गयी है. जिनमें कई ऐसे मामले भी हैं जो पुलिस तक पहुंचते ही नहीं हैं. 1990 से 2000 तक झारखंड के कई इलाकों में डायन के नाम पर 522 महिलाओं की निर्मम हत्या की गयी थी. लेकिन झारखंड गठन के बाद डायन के नाम पर होने वाली हत्याओं की संख्या में काफी इजाफा हो गया. 2000 से लेकर 2020 के ताजा आंकड़ों के अनुसार अबतक 1800 से अधिक लोगों की डायन-बिसाही बताकर हत्या कर दी गयी.

अधिनियम बनने के बाद भी घटनाओं में कमी नहीं

डायन के नाम पर महिलाओं और औरतों मारने और उसके परिवार को प्रताड़ित करने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है. हद तो तब हो जाती है, जब डायन बताकर महिला को मल-मूत्र पिलाया जाता है, निर्वस्त्र कर उसका सामूहिक रेप किया जाता है. सर मुंडवाकर मुंह काला कर गांव में घूमाया जाता है. कई बार तो गांव से निकाल भी दिया जाता है. इस सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए राज्य में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 बनाया गया. इसके बावजूद ऐसी घटनाओं में कमी नहीं आ रही है.

इन क्षेत्रों में महिलायें बनी सबसे ज्यादा डायन हत्या की शिकार

डायन बिसाही के नाम पर झारखंड के रांची, खूंटी, सरायकेला,गुमला, देवघर, लोहरदगा और लातेहार में सबसे ज्याहदा महिलायें हत्याघ की शिकार हुई हैं. सरायकेला में डुमरा एक ऐसा गांव है, जहां विधवा और बुजुर्ग महिलाओं को डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित करना आम बात है. वहां आधी रात को ग्रामीण ढोल नगाड़ों के साथ महिलाओं को डायन के नाम पर परेशान करते हैं.

हाल के महीनों के कुछ मामले

6 जुलाई 2020 : रांची के लापुंग थाना क्षेत्र के चलांगी फुटकल टोली गांव में अंधविश्वास और गलतफहमियों के चलते एक महिला की हत्या कर दी गयी थी. 31 अगस्त2020 : सिमडेगा जिले के टुकूपानी स्थित फरसापानी गांव में डायन-बिसाही के आरोप में एक महिला की हत्याम कर दी गयी थी. 10 सितंबर2020 : गुमला के घाघरा थाना क्षेत्र के सलामी गांव में 75 वर्षीय शनिचरिया देवी को डायन बताकर डंडे से पीटकर हत्या कर दी गयी थी. 18 अक्टूबर2020 : पश्चिमी सिंहभूम जिले के घोर नक्सल प्रभावित गुदड़ी थाना क्षेत्र के देवां गांव में पारिवारिक विवाद में बुजुर्ग फूलमनी चाम्पिया की लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी. 28 अक्टूबर 2020 : 21 दिनों से लापता खूंटी के सोयको थाना क्षेत्र के कुदा गांव निवासी बिरसा मुंडा, उसकी पत्नी सुकरू पूर्ति और बेटी सोमवारी पूर्ति के शव को पुलिस ने बरामद किया था. तीनों की हत्या डायन बताकर कर दी गयी थी. 26 मई 2019 : सरायकेला जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के कृष्णापुर गांव में डायन के नाम पर नौ पुरुषों की घर से निकालकर पिटायी की गयी. सामूहिक रूप से उनका जबरन मुंडन भी कर दिया गया था.  
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही