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झारखंड: नशे की गिरफ्त में युवा पीढ़ी, भविष्य पर संकट

Ranchi : झारखंड के कई जिले इन दिनों नशाखोरी के खतरनाक जाल में फंसते जा रहे हैं, जहां 18 से 30 साल की युवा पीढ़ी ड्रग्स और मादक पदार्थों की गिरफ्त में है.

 

राजधानी रांची समेत जमशेदपुर और हजारीबाग जैसे बड़े शहर अब रेड जोन में आ चुके हैं, जहां ब्राउन शुगर, गांजा, अफीम, नशीली दवाइयां, सिरप और इंजेक्शन का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है. नशे की हालत में युवा आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे है.

 

हाल के दिनों में इसका एक उदाहरण रांची देखने को मिला है, जब बीते चार जनवरी की रात मून डिस्को बार के बाहर के लड़के को कार से कुचलक दिया गया. इसके पीछे की जो कहानी है, वो चौंकाने वाला है. जिस अंकित नाम के युवक को कार से कुचल दिया गया.

 

वह नशे की हालत में था, उसने दूसरे गुट के साथ बार में आई एक लड़की के साथ नशे की हालत में छेड़छाड़ किया था. इसके बाद नौबत यह आ गई कि बार के बाहर रोड पर दोनों गुटों के बीच मारपीट हुई.

 

बात इतनी बढ़ गयी कि दूसरे लड़के के गुट ने अंकित को कार से कुचलकर दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. इस मामले में रांची पुलिस ने  रोशन गुप्ता, रमनदीप और एक युवती को गिरफ्तार किया है. 

 

नशे का बढ़ता दायरा और युवा शिकार

मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य में नशे की खपत बढ़ती जा रही है. 18 से 22 वर्ष के युवा और किशोर सबसे ज्यादा इसकी चपेट में हैं. स्कूली छात्र, ऑटो ड्राइवर और मजदूर वर्ग भी नशे के आदी हो रहे हैं.

 

नशे की लत के कारण युवा चोरी, छिनतई, लूटपाट जैसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं. कई ड्रग एडिक्ट अब खुद ड्रग पेडलर बन गए हैं. रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइकेट्री एंड अलाइड साइंस (रिनपास) में हर हफ्ते ऐसे दर्जनों युवा इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जो नशे की लत के कारण मानसिक संतुलन खो चुके हैं.

 

डॉक्टर इसे जानलेवा बता रहे हैं, जिससे अवसाद और आत्मविश्वास की कमी होती है. ब्राउन शुगर, गांजा और नशीली दवाइयां खुलेआम बिक रही हैं. प्रतिबंधित टैबलेट और सिरप बिना डॉक्टर के पर्चे के भी दवा दुकानों पर मिल रहे हैं.

 

 पुलिस और सरकार की कार्रवाई

इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए पुलिस और सरकार ने सक्रियता बढ़ाई है. पुलिस ने ड्रग्स पेडलिंग के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं तक शामिल हैं. हाल ही में ब्राउन शुगर के साथ कई युवकों की गिरफ्तारी हुई है.

 

राज्य सरकार 'नशा मुक्त झारखंड' के संकल्प के साथ एक व्यापक नशा मुक्ति अभियान चला रही है. जिलों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रचार वाहनों को रवाना किया गया है.

 

शैक्षणिक संस्थानों में नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. खूंटी और रांची समेत कई जिलों जैसे क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती को नष्ट करने के लिए कार्रवाई की गई है.

 

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