- पीक ऑवर में बिजली डिमांड रिकार्ड 3100 मेगावाट तक पहुंची
- डिमांड बढ़ने के कारण बुकिंग के बाद भी जेबीवीएनएल को नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली
- गुजरात में आए तूफान के कारण सेंट्रल पावर एक्सचेंज में पावर की उपलब्धता में आयी कमी
पावर क्राइसिस की मुख्य वजह
- पीक ऑवर में रात 10 बजे के बाद झारखंड में बिजली की डिमांड बढ़कर रिकार्ड स्तर 3100 मेगवाट तक पहुंच गयी है.
- राज्य में इस पीक ऑवर में 600 से 800 मेगावाट तक कमी दर्ज की जा रही है. इसके कारण रात 12 बजे के बाद लोड शेडिंग चल रही है.
- डिमांड के अनुसार सेंट्रल पावर एक्सचेंज से बुकिंग के बाद भी अतिरिक्त बिजली नहीं मिल पा रही है.
- भीषण गर्मी के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की खपत बढ़ गयी है. पिछले साल जहां राष्ट्रीय स्तर पर इस गर्मी में 211 गीगावाट की खपत रही, वहीं इस बार गर्मी में यह बढ़कर 230 गीगावाट तक पहुंच गयी है.
- तूफान के कारण गुजरात और महाराष्ट्र में सेंट्रल पावर एक्सचेंज के लिए उत्पादन करने वाली कंपनियां अपना उत्पादन घटा दिया है. तमिलनाडु से भी उत्पादन कम हुआ है. पंजाब, दिल्ली, हरियाण जैसे राज्य जो बिजली उत्पादन कर रहे हैं, उसका अधिकांश वे अपने ही स्टेट में खपत कर ले रहे हैं. प्रतिदिन पीक ऑवर में 10 से 20 हजार मेगावाट विभिन्न राज्यों के द्वारा की जा रही है. मगर सेंट्रल पावर एक्सचेंज में बिजली की उपलब्धता कम है. इसके कारण संकट बढ़ गया है.
- संकट बढ़ाने का काम नॉर्थ कर्णपुरा भी कर रहा है. इससे झारखंड को मिलने वाली 170 मेगावाट बिजली प्लांट में खराबी के कारण नहीं मिल रही है.
दिन में फुल लोड के बावजूद रांची में पावर कट जारी
- शुक्रवार को भी ओवरलोड और लोकल फॉल्ट के नाम पर आधी रांची में चार से पांच घंटे बिजली गुल रही.
- कोकर चौक के पास ट्रांसफार्मर जल गया. उससे आग की लपटें निकलने लगी. जिसके कारण कोकर चौक के आसपास के इलाकों में देर रात तक बिजली बंद कर दी गई.
- फ्रेंड्स कॉलोनी में उपभोक्ताओं ने पांच घंटे बिजली नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई.
- कडरू में एक दिन पूर्व से ही बिजली नहीं रही. यहां ट्रांसफार्मर खराब हो गया था. जिसे शुक्रवार शाम में बदला जा सका.
- कोकर हैदरअली रोड, अशोक नगर, फिरदौस नगर, मणि टोला, डोरंडा, नया टोली, आजाद बस्ती, अरगोड़ा चौक, शांति नगर कोकर और बहुबाजार इलाके में दो से चार घंटे ब्रिज निर्माण, मरम्मत कार्य व ओवरलोड के कारण बिजली काटी गई.
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