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झारखंड विस स्थापना दिवस समारोहः संदेशे आते हैं...

सितारों से सजी महफिल, दिलकश आवाज ने बांधा समां


Ranchi : मखमली आवाज के जादूगर रूप कुमार राठौर ने अपनी गायिकी से माननीय से लेकर आम लोगों के बीच एक अमिट छाप छोड़ी. मौका भी था, नजाकत भी. विधानसभा के 25वें स्थापना दिवस समारोह में रूप कुमार राठौर और सोनाली राठौर ने अपनी गायिकी का खूब जलवा बिखेरा. सोनाली राठौर ने पायो जी मैंने.. रामरतन धन पायो... से कार्यक्रम की शुरुआत की. फिर क्या था रूप कुमार राठौर और सोनाली राठौर ने अपनी दिलकश आवाज से संदेशे आते हैं..., तेरे लिए हम हैं जिए, होठों को सिए.... गजल गाकर महफिल लूटी. जैसे-जैसे कार्यक्रम बढ़ता गया इस दोनों फनकारों ने एक से बढ़कर एक गानों को पेश किया.


 रूप कुमार राठौर ने ऐसा कोई जिंदगी से वादा तो नहीं था.... तेरे बिना जीने का ईरादा नहीं था... गीत पेश कर आकषर्क समां बाधां. फिर सोनाली राठौर ने सादगी तो  हमारी जरा देखिए.. गीत पेश कर लोगों का खूब वाहवाही लूटी 

 

बी से बीजेपी और हार तेजस्वी के पास


देश के जाने माने हास्य कवि डॉ दिनेश बावरा ने विधानसभा के स्थापना दिवस समारोह में लोगों को खूब गुदगुदाया. व्यंग्य वाण का ऐसा छोड़ा कि लोग हंसने को मजबूर हो गए. अपनी तरकश से राजनीति पर एक से बढ़कर एक व्यंग्य वाण छोड़े. खास कर बिहार की राजनीति को निशाने पर रखा. व्यंग्य के जरीए बिहार का मतलब भी समझाया. कहा, बी से बीजेपी और हार तेजस्वी के पास. फिर कहा बीजेपी कहती है कि तुम कोई भी बटन दबाओ जीतेंगे हम ही.....चुनाव आयोग पर भी तंज कसा. सत्य और भ्रम के अंतर भी समझाया.

 
 चायवाले ने दूधवाले को हरा दिया...


बावरा ने बिहार की राजनीति पर व्यंग  करते हुए कहा कि चायवाले ने दूधवाले को हरा दिया. फिर कहा चुनाव आयोग को धन्यवाद करते हैं कि निष्पक्ष चुनाव कराया. अपनी तरकश से फिर बीजेपी पर व्यंग्य वाण छोड़ा कहा बीजेपी भी कमाल की पार्टी है. बीजेपी के नेता वोट डालने जाते हैं तो ईवीएम खुद कहता है कि साहब आपको आने की क्या जरूरत है.... स्कूल के बस्ता को रास्ता दिखा दिया. ऐसा रास्ता दिखाया कि खास्ता हो गया. हास्य कलाकार रवींद्र जॉनी ने कार्यक्रम के बीच में लोगों को अपने हास्य हुनर से बांधे रखे. खूब हंसाया.

 
चांदी जैसा रंग है तेरा..सोने जैसे बाल....


झारखंड के कलाकारों में भी समारोह में खूब समां बांधा. डॉ मृणालनी अखोरी ने अपने गजल के जरीए खूब वाहवाही लूटी. पंकज उदास की गजल चांदी जैसा रंग है तेरा...सोने जैसे बाल... एक तूही धनवान है गोरी.. बाकी सब कंगाल., पेश कर आकर्शक समां बांधा. फिर उसके बाद हम निगाहों से गजल सुनते हहैं... गजल गाकर खूब वाहवाही लूटी. टॉम मूर्मू ने संताली गीत गाकर खूब तालियां बटोरी. वहीं गुरु परमानंद नंदा की टीम ने खरसांवा शैली का छऊ नृत्य पेश कर लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी. 


तेरे बिन नई जीना, मर जाना ढ़ोलना....


झारखंड की गायिका श्रेया ने एक से बढ़कर एक दिलकश अंदाज में गीते पेश किया. तेरे बिन नई जीना... मर जाना ढ़ोलना.. गाकर लोगों को झूमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. फिर ईश्क की साजिश... ईश्क की बाजियां गाकर खूब वाहवाही लूटी.  रहें न रहें हम... गाना श्रेया ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को एक गाना समर्पित किया. इस गाना को सुन सङी भावुक हो गए. कार्यक्रम के दौरान स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया.

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