Ranchi : राज्य सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 158560 करोड़ रुपये बजट पेश किया. इसमें से विकास योजनाओं के लिए 1.891 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बजट में मंईयां सम्मान योजना सहित सभी कल्याणकारी योजनाओं को अगले साल भी जारी रखने का प्रावधान किया गया है.
अगले साल के बजट में सरकार ने सामान्य क्षेत्र के लिए 32055.83 करोड़, सामाजिक क्षेत्र के लिए 67459.54 करोड़ और आर्थिक क्षेत्र के लिए 59044.63 करोड़ का प्रावधान किया है. सरकार ने अगले साल के बजट को अबुआ दिशोम बजट का नाम दिया है.
साथ ही राज्य को केंद्र से अपेक्षित सहायता नहीं मिलने का उल्लेख किया है. मनरेगा के बदले जीराम जी योजना की वजह से राज्य पर 5640 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बोझ पड़ने और जीएसटी की वजह से राज्य के 4000 करोड़ रुपये के नुकसान होने का भी बजट में उल्लेख किया गया है.
सरकार ने अगले साल के बजट में धनबाद में दो और पलामू, लातेहार व गढ़वा में एक-एक बालिका विद्यालय खोलने की घोषणा की है. शहीद के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय खोलने का भी ऐलान किया गया है.
इसके अलावा गिरिडीह और सरायकेला में 50 हजार लीटर दूध उत्पादन क्षमता की नयी डेयरी और रांची में 20 मिट्रिक टन क्षमता का मिल्क पाउडर प्लांट बनाने की घोषणा की है. मत्स विकास योजना के तहत डोरंडा फिश पार्क, बटन तालाब स्थित उपलब्ध जमीन को सेंट्रल एक्सिलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा.
पर्यटन और धार्मिक स्थलों को विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जायेगा. राज्य के श्रमिकों को राज्य में ही अधिक से अधिक रोजगार देने की की कोशिश की जायेगी. सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए इसे अपनी प्राथमिकता के रूप में स्वीकार किया है.
सरकार ने अगले साल बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 9000 से 12000 फिट तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे रांची हवाई अड्डे पर यात्री और मालवाहक विमानों के आने जाने की संख्या में वृद्धि होगी. सरकार ने अगले साल चतरा जिले के कोलेशवरी पहाड़ में रोप वे बनाने की योजना बनायी है.
जानें किस पर कितना किया जाएगा खर्च
- महिला किसानों को ऑफलाइन और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जायेगा
- आधारभूत संरचना के लिए 37708.10 करोड़. पिछले साल के मुकाबले 8.5 प्रतिशत की वृद्धि
- सिंकिंग फंड 2021-22 से 2801 करोड़, इस साल 654 करोड़ रुपये का निवेश होगा.
- खनन से मिलने वाले राजस्व में भविष्य में होने वाली कमी के मद्देनजर बजट स्टैबरलिश फंड का गठन. इसमें 1209 करोड़ का निवेश, पहले 832 करोड़
- तालाब के विकास और जीर्णोद्धार के लिए 106 करोड़
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए 4884.20 करोड़
- अबुआ आवास योजना के लिए 4100 करोड़
- बिरसा बीज उत्पादन, फसल विस्तार योजना में 145 करोड़
- बंजर भूमि राइस फैलो में 475.50 करोड़
- कृषि समृद्धि योजना में 75 करोड़
- कृषि उपकरणों के वितरण पर 80 करोड़
- मिलेट मिशन पर 25 करोड़
- गन्ना, जूट और नकदी फसलों के विकास पर 88 करोड़
- किसानों के पलायन रोकने पर 80 करोड़
- मुख्यमंत्री पशुधन योजना पर 481 करोड़
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