- 40 शॉर्ट फिल्म में 09 को किया गया था चयनित
- एक वोट की कीमत को स्पेशल मेंशन श्रेणी में किया गया सम्मानित
- शॉर्ट फिल्म, रील, म्यूजिक वीडियो, पोस्टर मेकिंग श्रेणी में कुल 41 पुरस्कार दिए गए
प्रचार-प्रसार के लिए आज सोशल मीडिया एक मजबूत आधार है : सुबोध कुमार
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आज के समय में सोशल मीडिया के महत्व को बताया. उन्होंने कहा कि आज के समय में एक सामान की बिक्री भी बगैर सोशल मीडिया में प्रचार-प्रसार के संभव नहीं है. उन्होंने प्लेटफॉर्म के सदुपयोग की बात कही. कहा कि अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वोटर अवेयरनेस को लेकर काम करता है तो निश्चित तौर पर वोटिंग प्रतिशत बढ़ेगा. मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि इस प्रतियोगिता में बहुत एंट्री आई थी, लेकिन जूरी मेंबर की टीम ने हर एक बिंदु की जांच करते हुए मानक पर खड़ा उतरने वाली एंट्री को पुरस्कार के लिए चयनित किया. उन्होंने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से इसी तरह काम करने का आग्रह करते हुए आगे भी ऐसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेते रहने की अपील की. “एक वोट की कीमत”शीर्षक नाम से बच्चों ने दो मिनट की शॉर्ट फिल्म बनायी है. इन दो मिनट में बच्चों ने वोट के महत्व को बखूबी ढंग से प्रस्तुत किया है, जिसे लोग खूब सराह रहे हैं. तीन बच्चों के किरदार वाली इस शॉर्ट फिल्म में एक बड़ा भाई दादा जी की भूमिका में जबकि अन्य भाई-बहन पोता पोती की भूमिका में नजर आ रहे हैं. दादाजी बच्चों को अपने पॉकेट खर्च में हर दिन एक रुपए बचाने की नसीहत देते हुए उसे भविष्य के बड़ी बचत होने का संदेश देते हैं. आगे की कड़ी में देश में मतदान का दिन रहता है, दादाजी घर में बैठकर पेपर पढ़ते रहते हैं, बच्चे उन्हें वोट करने के लिए जाने के लिए कहते हैं, तो दादाजी बोलते हैं कि उनके एक वोट से क्या होगा? पर बच्चे दादाजी के उनके ही बताए एक-एक रुपये के महत्व वाली बात को याद दिलाते हुए एक-एक वोट का महत्व समझाते हैं. दादाजी बच्चों की बात समझ जाते हैं. वोटिंग अपील के साथ फिल्म का समापन होता है.तीनों किरदार का परिचय
दादाजी की भूमिका में चिराग श्रीवास्तव (विद्या भारती चिन्मया विद्यालय, कक्षा आठवीं), पोती और पोता की भूमिका में रुचिका नारायण (हिलटॉप स्कूल, टेल्को, कक्षा दूसरी), राघव श्रीवास्तव (कैंडी फ्लावर स्कूल, कक्षा पांचवीं). फिल्म की स्टोरी बच्चों ने ही तैयार की है. पूरी फिल्म की रिकॉर्डिंग मोबाइल फोन से की गई है. इसे भी पढ़ें : अमन">https://lagatar.in/action-was-taken-against-aman-sahu-gang-but-the-violence-did-not-reduce/">अमनसाहू गिरोह पर हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई, लेकिन कम नहीं हुआ उत्पात [wpse_comments_template]
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